चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास : रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र पाकर युवाओं ने पीएम मोदी का जताया आभार

नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 18वें रोजगार मेले के अवसर पर देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 61 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर युवाओं के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। रोजगार मेले के जरिए चयनित अभ्यर्थियों ने इसे अपने सपनों को पूरा करने का बड़ा मंच बताया।
महाराष्ट्र के नागपुर से नियुक्ति पत्र पाने वाले एक उम्मीदवार ने आईएएनएस से बताया कि उनका चयन एसएससी जीडी भर्ती के तहत सीआरपीएफ में हुआ है। उन्होंने कहा, “हमारे लाइब्रेरी इंस्ट्रक्टर ने हमें मार्गदर्शन दिया और आवेदन फॉर्म भरने की पूरी जानकारी दी। उन्हीं की मदद से मैं इस मुकाम तक पहुंच सका।”
दिल्ली में नियुक्ति पत्र पाने वाले एक अन्य युवा ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया। उन्होंने कहा, “मेरी सफलता के पीछे मेरे परिवार का बड़ा सहयोग है। उन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद, जिन्होंने यह रोजगार मेला आयोजित किया और हमें नियुक्ति पत्र दिए।”
चंडीगढ़ से एक उम्मीदवार ने बताया कि कक्षा 12वीं के बाद उनका सपना सेना में जाने का था। उन्होंने कहा, “मैंने सेना की भर्ती प्रक्रिया के कई चरण पास किए, लेकिन उम्र सीमा के कारण अंतिम चयन नहीं हो पाया। इसके बाद मैंने एसएससी जीडी की तैयारी की और अब चयन हो गया।”
चंडीगढ़ के एक अन्य उम्मीदवार ने रोजगार मेले की तारीफ करते हुए कहा, “यह योजना बहुत अच्छी है। जो भी छात्र मेहनत करता है, उसे यहां मौका मिलता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बहुत से युवाओं को नौकरी मिली है।”
इसी शहर से एक और युवक ने बताया कि उनका चयन सीआईएसएफ में कांस्टेबल के रूप में हुआ है और उनकी ट्रेनिंग 16 फरवरी से राजस्थान के देओली में शुरू होगी। वहीं, एक अन्य उम्मीदवार ने कहा कि उनका चयन आईटीबीपी में हुआ है। उन्होंने खुशी जताते हुए बताया कि उनके भाई का चयन सीआईएसएफ में हुआ है और अब उन्हें भी देश सेवा का मौका मिला है।
गुजरात के गांधीनगर में एक उम्मीदवार ने बताया कि उनका चयन एसएसबी कांस्टेबल के रूप में हुआ है और उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। वहीं, एक युवती ने कहा कि उनका बचपन का सपना बीएसएफ में शामिल होना था। उन्होंने कहा, “लोग कहते थे कि लड़कियों को बीएसएफ में नहीं जाना चाहिए, लेकिन मैंने अपने सपने को सच कर दिखाया।
–आईएएनएस
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