शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर शी जिनपिंग का दृष्टिकोण

बीजिंग, 29 अगस्त (आईएएनएस)। शांति विकास का आधार है और विकास शांति की बुनियाद है। वर्तमान विश्व में अभूतपूर्व बदलाव चल रहा है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में परिवर्तन और मुठभेड़ भरी है, लेकिन शांति और विकास की मुख्य युगांतर थीम नहीं बदली। शांतिपूर्ण विकास हमेशा विभिन्न देशों की जनता की समान अभिलाषा है। एक जिम्मेदार प्रमुख देश के नाते चीन ने पहले ही घोषणा की थी कि चीन शांतिपूर्ण रास्ते पर चलता है। चीन विश्व शांति की सुरक्षा से अपना विकास पूरा करता है और अपने विकास से विश्व शांति की सुरक्षा करता है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस तरह चीन के विकास रास्ते का व्याख्यान किया था कि चीन का शांतिपूर्ण रास्ते पर चलना अस्थाई उपाय और राजनयिक कथन नहीं है। वह इतिहास, वास्तविकता और भविष्य के बारे में वस्तुगत अध्ययन से निकाला गया निष्कर्ष है, जो वैचारिक आत्म विश्वास और व्यवहार की सचेतता की एकता है। शांतिपूर्ण विकास का रास्ता चीन और विश्व के लिए लाभदायक है।
ध्यान रहे, वर्ष 1954 में चीन, भारत और म्यांमार ने ऐतिहासिक धारा के अनुरूप एक साथ शांतिपूर्ण सहअस्तित्व वाले पांच सिद्धांतों की वकालत की। शांतिपूर्ण विकास को संविधान में शामिल करने वाला वह प्रमुख देश है।
शी जिनफिंग ने कई मौकों पर बल दिया कि चीन का शांतिपूर्ण रास्ते पर चलने का संकल्प नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा कि हम उपनिवेशवाद के पुराने रास्ते पर नहीं चलेंगे और शक्तिशाली होने के बाद प्रभुत्व जमाने के गलत रास्ते पर नहीं चलेंगे। हम शांतिपूर्ण विकास के सही रास्ते पर चलेंगे।
शी ने कहा था कि एक जिम्मेदार प्रमुख देश के नाते चीन शांति, विकास, न्याय, निष्पक्षता, लोकतंत्र के समान मूल्यों का पालन करता है और विश्व के विभिन्न देशों की जनता के साथ मानवता के साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाता है।
वर्तमान वर्ष चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोध युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ है और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ है। 3 सितंबर की सुबह चीन थ्येनआनमन चौक पर भव्य स्मृति समारोह आयोजित करेगा और विश्व की न्यायपूर्ण शक्ति के साथ इतिहास का अवलोकन कर आगे बढ़ने की शक्ति एकत्र करेगा और एक साथ शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
–आईएएनएस
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