उपचुनाव में जीत के लिए महिला कांग्रेस कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी: सीएम सिद्दारमैया


बेंगलुरु, 16 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कांग्रेस की महिला सदस्यों से बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण उपचुनावों में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की है।

सीएम सिद्दारमैया सोमवार को कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस की ओर से आयोजित एक कार्यकारी बैठक और प्रशिक्षण शिविर में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार की जनहितैषी योजनाओं के बारे में जनता में जागरूकता पैदा करने में महिला सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है।”

उन्होंने निर्देश दिया कि बागलकोट और दावनगेरे उपचुनावों के प्रचार में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए महिला सदस्यों की दो टीमें गठित की जाएं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले चन्नापटना, शिगगांव और संदूर उपचुनाव जीते थे। पार्टी को इस बार भी दोनों सीटें अवश्य जीतनी चाहिए। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2013-2018 के दौरान और फिर 2023 से महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। महिला केंद्रित योजनाओं ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में मदद की है।

सिद्दारमैया ने कहा कि सरकार की गारंटी योजनाओं से महिलाओं की क्रय शक्ति में वृद्धि हुई है। गृह लक्ष्मी योजना के तहत 1.26 करोड़ महिलाओं को 2,000 रुपए की मासिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वतंत्रता ने महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने डॉ. बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का सही अर्थ तभी साकार हो सकता है जब समाज में लैंगिक भेदभाव और असमानता का उन्मूलन हो जाए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं में नेतृत्व क्षमता बहुत महत्वपूर्ण है और समानता तभी हासिल की जा सकती है जब सभी को समान अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक प्रदेश महिला कांग्रेस में वर्तमान में एक लाख से अधिक महिला सदस्य हैं और भविष्य में यह संख्या बढ़कर दो लाख हो जानी चाहिए।

पूर्व मंत्री शमनूर शिवशंकरप्पा और एचवाई मेती के निधन के कारण दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव 9 अप्रैल को होंगे। ये दोनों सीटें पहले कांग्रेस के पास थीं।

उपचुनाव में कड़ी टक्कर होने की आशंका है क्योंकि यह सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। दावनगेरे दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार का चयन कैबिनेट मंत्रियों, बीजेड जमीर अहमद खान और एसएस मल्लिकार्जुन के बीच विवाद का मुख्य कारण बन गया है।

यह सीट पहले मल्लिकार्जुन के पिता, स्वर्गीय शमनूर शिवशंकरप्पा के पास थी। जमीर अहमद खान ने अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवार को टिकट देने की मांग की है। हालांकि, मंत्री मल्लिकार्जुन ने कहा कि दावणगेरे जिले के संबंध में जमीर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।

इस बीच, भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत हासिल करने का संकल्प लिया है और उम्मीदवारों के चयन के लिए कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित कर चुकी है।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी


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