क्यों होती है वोमिटिंग? जानिए इसके पीछे के कारण और आयुर्वेदिक उपाय


नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। वोमिटिंग (उल्टी) होना किसी भी उम्र के लोगों के लिए बहुत आम और असुविधाजनक समस्या है। कभी-कभी यह केवल पेट में हल्की परेशानी की वजह से होती है तो कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। वोमिटिंग के पीछे कई कारण हो सकते हैं और समझना जरूरी है ताकि सही समय पर सही इलाज किया जा सके।

सबसे आम कारण में पेट की समस्या आती है, जैसे खाना सही से न पचना, जले हुए या ज्यादा मसाले वाले खाने से पेट परेशान होना या खाने में बैक्टीरिया और वायरस की वजह से इंफेक्शन होना। इसके अलावा गैस, एसिडिटी या फूड पॉइजनिंग भी वोमिटिंग का कारण बन सकती है। कभी-कभी सिरदर्द या माइग्रेन, ज्यादा स्ट्रेस, एंजाइटी, या अचानक किसी गंध या खाने की चीज से भी मिचली आ जाती है।

उल्टी का एक और बड़ा कारण डिहाइड्रेशन या शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी भी हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों में यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनका शरीर जल्दी कमजोर पड़ जाता है। महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से सुबह-सुबह मिचली और वोमिटिंग होना भी आम है।

आयुर्वेद में वोमिटिंग को कई तरह से देखा जाता है। वायु, पित्त और कफ के असंतुलन से पेट की समस्याएं होती हैं और वोमिटिंग आ सकती है। आयुर्वेदिक उपायों में सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखना और हल्का खाना खाना बहुत जरूरी माना गया है। नारियल पानी में थोड़ा इलायची पाउडर डालकर धीरे-धीरे पीना पेट और डाइजेस्टिव सिस्टम दोनों के लिए आरामदायक होता है। अदरक की गर्म चाय पीने से मिचली कम होती है और पेट शांत रहता है।

हल्का और आसान खाना जैसे उबला या पफ्ड राइस, या चावल का पानी भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा, घर पर बने ओआरएस (स्वच्छ पानी, नमक और चीनी मिलाकर) का सेवन धीरे-धीरे करना चाहिए ताकि शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखा जा सके। आयुर्वेद में ये उपाय शरीर को कमजोर होने से बचाते हैं और रिकवरी को तेज करते हैं।

इसके अलावा, वोमिटिंग के समय शरीर को आराम देना जरूरी है। अचानक भारी खाना खाने, ज्यादा पानी एक साथ पीने या तेल मसाले वाला खाना खाने से बचें। छोटे-छोटे घूंट में पानी, नारियल पानी या हल्का सूप लेना ठीक रहता है। ध्यान रहे कि अगर वोमिटिंग लगातार हो रही है, बहुत ज्यादा कमजोरी हो रही है, या शरीर में डिहाइड्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

–आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी


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