एसएमवीडीएसबी को अल्पसंख्यक का दर्जा क्यों नहीं दिया गया : कांग्रेस


जम्मू, 26 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार और जेपी नड्डा के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और एलजी मनोज सिन्हा की अध्यक्षता वाले श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (एसएमवीडीएसबी) के प्रबंधन की विफलता को छिपाने, स्थिति को सांप्रदायिक बनाने और तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाकर कड़ी आलोचना की है।

नव स्थापित एसएमवीडीआईएमई में प्रवेश के मुद्दे को लेकर विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जेकेपीसीसी के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने केंद्र में भाजपा सरकार, विशेष रूप से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और श्राइन बोर्ड और संस्थान के प्रबंधन को प्रासंगिक मानदंडों के अनुसार संस्थान को आवश्यक पंजीकरण, मान्यता और अनुमति प्रदान करते समय हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और अधिकारों का ख्याल रखने में विफल रहने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है कि उम्मीदवारों के चयन/सीटों के आवंटन में कोई अवैधता या गड़बड़ी हुई हो। ऐसा लगता है कि यह प्रवेश के समय लागू मानदंडों और नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया गया है। फिर मामले को सांप्रदायिक रंग देकर और प्रवेश पर सवाल उठाकर, संबंधित अधिकारियों पर गलती क्यों थोपी जा रही है? जो सभी भाजपा और उसकी व्यवस्था से जुड़े हैं, लेकिन कानून और मानदंडों के तहत उचित कदम न उठाकर समुदाय के अधिकारों और धार्मिक भावनाओं की रक्षा करने में विफल रहे।

कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि धार्मिक भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करते हुए संस्थान को अल्पसंख्यक का दर्जा क्यों नहीं दिया गया? जब हमारे अपने क्षेत्र में पहले से ही ऐसे उदाहरण और सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं, तो भाजपा और उसकी नेतृत्व वाली सरकार और अधिकारियों को केवल खुद को दोषी ठहराना चाहिए और जम्मू और देश के बाकी लोगों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्हें वे अपने राजनीतिक निहित स्वार्थों और घृणा की राजनीति के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा और उसके विधायकों, सांसदों और क्षेत्र से केंद्र में एक शक्तिशाली मंत्री की पूरी ब्रिगेड को धार्मिक संवेदनशीलता के ऐसे मुद्दों पर अपनी गहरी नींद के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। न केवल अपनी विफलताओं के लिए, बल्कि संवेदनशील मुद्दे पर समाज में दरार पैदा करने के लिए माहौल को भड़काने के अपने प्रयासों के लिए भी माफी मांगनी चाहिए।

–आईएएनएस

एएमटी


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