पाकिस्तान में व्हिसलब्लोअर संरक्षण ढांचा संरचनात्मक रूप से कमजोर: रिपोर्ट

इस्लामाबाद, 11 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान में व्हिसलब्लोअर (भ्रष्टाचार या अनियमितताओं का खुलासा करने वाले) संरक्षण तंत्र संरचनात्मक रूप से अपर्याप्त, कमजोर और महज प्रतीकात्मक है, जो राजनीतिक जवाबदेही, अनुबंधों के क्रियान्वयन और नियामक स्वतंत्रता में लंबे समय से चली आ रही विफलताओं को उजागर करता है। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
2024 के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स के अनुसार, पाकिस्तान 180 देशों में 135वें स्थान पर है और दुनिया के सबसे अधिक भ्रष्टाचार-संवेदनशील देशों में गिना जाता है।
‘द न्यूज इंटरनेशनल’ में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी सभ्य और सुचारु रूप से संचालित समाज के लिए अनिवार्य हैं। ये केवल राजनीतिक भाषणों के नारे नहीं, बल्कि राज्य और नागरिकों के बीच विश्वास कायम करने वाले ठोस स्तंभ हैं। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखने के लिए व्हिसलब्लोइंग की संस्कृति बेहद जरूरी है। इन बुनियादी तत्वों की अनुपस्थिति भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है और ऐसी संस्कृति को जन्म देती है जो चुप्पी को पुरस्कृत करती है और सच बोलने वालों को दंडित करती है।
लेखक साकिब बरजीस, जो राजनीतिक अर्थशास्त्री और सार्वजनिक नीति विश्लेषक हैं, ने लिखा है कि “पाकिस्तान का व्हिसलब्लोअर संरक्षण ढांचा संरचनात्मक रूप से कमजोर है। हालांकि ‘व्हिसलब्लोअर प्रोटेक्शन एंड विजिलेंस कमीशन एक्ट 2019’ मौजूद है, लेकिन इसमें प्रभावी प्रवर्तन और संचालन की शक्ति का अभाव है। जब तक गुमनामी की गारंटी, ठोस प्रवर्तन तंत्र और प्रतिशोध से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक कोई प्रगति संभव नहीं है। इस कमी को संयुक्त राष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक अभिसमय (यूएनसीएसी) के अनुरूप मौजूदा कानूनी ढांचे को ढालकर दूर किया जा सकता है।”
लेख में कहा गया है कि पाकिस्तान में भ्रष्टाचार-रोधी कानून तो मौजूद हैं, लेकिन सरकार में उन्हें प्रभावी रूप से लागू करने की इच्छाशक्ति का अभाव है।
बरजीस ने लिखा, “पाकिस्तान एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां दशकों की अप्रभावी जवाबदेही ने संस्थानों को कमजोर किया है, जनता का विश्वास कम किया है और प्रतिभा व पूंजी के पलायन को बढ़ावा दिया है। पाकिस्तानी पेशेवर देश इसलिए नहीं छोड़ रहे कि उन्होंने पाकिस्तान को त्याग दिया है, बल्कि इसलिए क्योंकि पाकिस्तान ने योग्यता को ठुकरा दिया है। व्हिसलब्लोअर संरक्षण हमारी राष्ट्रीय समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं है, लेकिन यह वह आधार है जिस पर किसी भी गंभीर सुधार की नींव रखी जाती है।”
उन्होंने आगे लिखा, “जो राष्ट्र जवाबदेही को संस्थागत रूप देते हैं, वे निवेश, प्रतिभा और वैधता आकर्षित करते हैं। जो देश इन मूल्यों को नकारते हैं और इनकार की स्थिति में जीते रहते हैं, वे अस्थायी रूप से टिक सकते हैं, लेकिन अंततः टिकाऊ नहीं रह पाते और परिणाम भुगतते हैं। यदि हम अपने व्हिसलब्लोअरों की रक्षा करते हैं तो हम अपने भविष्य की रक्षा करेंगे, लेकिन यदि हम उन्हें दंडित करते हैं तो हम स्वयं को आधुनिकता से बाहर कर देंगे।”
–आईएएनएस
डीएससी