पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले डीजीपी की नियुक्ति के लिए केंद्र को भेजे आठ नाम

कोलकाता, 24 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के लिए केंद्रीय सरकार को आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची सौंप दी है। सरकारी सूत्रों से इसकी जानकारी मिली है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के लिए आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची केंद्रीय सरकार को भेजी है। यह सूची 21 जनवरी को दिल्ली भेजी गई थी। इसमें कार्यवाहक डीजीपी राजीव कुमार शामिल हैं, जो 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं।
अन्य नामों में रणवीर कुमार, देबाशिश रॉय, अनुज शर्मा, जगमोहन, एन. रमेश बाबू और सिध्दिनाथ गुप्ता शामिल हैं।
नियमों के अनुसार, राज्य सरकार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक सूची संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजती है। इसके बाद यूपीएससी की कमेटी तीन नाम चुनकर राज्य सरकार को अंतिम निर्णय के लिए वापस भेजती है।
सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक कारणों से राजीव कुमार का नाम शामिल किया गया है, क्योंकि वे पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से एक थे, जब पिछले डीजीपी मनोज मलाविया दिसंबर 2023 में रिटायर हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका नाम शामिल होने का मतलब पुनर्नियुक्ति की गारंटी नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, पीयूष पांडे, राजेश कुमार और रणवीर कुमार पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पीयूष पांडे पूर्व एसपीजी अधिकारी हैं और वर्तमान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, अंतिम चयन इन्हीं तीन में से होगा या नहीं, यह भी अभी निश्चित नहीं है।
यह दूसरी बार है जब राज्य ने डीजीपी पद के लिए सूची यूपीएससी को भेजी है। पिछली सूची, जो 27 दिसंबर 2023 को भेजी गई थी, त्रुटियों के कारण यूपीएससी द्वारा लौटाई गई थी। नियमों के अनुसार, सूची को मलाविया के रिटायरमेंट से कम से कम तीन महीने पहले, यानी सितंबर 2023 तक यूपीएससी को भेजा जाना चाहिए था। वहीं, आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वे सभी योग्यता मानदंडों को पूरा करने के बावजूद अनुचित रूप से सूची में शामिल नहीं किए गए।
याचिका पर कार्रवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को पिछले बुधवार को 23 जनवरी तक सूची फिर से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यूपीएससी को भी 28 जनवरी को अपनी कमेटी बुलाकर नामों पर विचार करने का आदेश दिया। आयोग की उम्मीद है कि 29 जनवरी तक तीन शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को राज्य सरकार को भेज देगा, जिसके बाद राज्य सरकार निर्णय लेगी।
–आईएएनएस
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