तमिलनाडु में 21 जनवरी तक मौसम रहेगा शुष्क, कुछ स्थानों पर बारिश का अलर्ट


चेन्नई, 19 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण भारत के आसपास के इलाकों से पूर्वोत्तर मानसून की औपचारिक वापसी की घोषणा कर दी। इसके साथ ही क्षेत्र का मुख्य बारिश का मौसम समाप्त हो गया है।

मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सोमवार से 21 जनवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

इस दौरान एक-दो स्थानों पर सुबह तड़के कोहरा या धुंध छा सकती है, जिससे निचले और अंदरूनी इलाकों में दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

आईएमडी ने बताया कि इस अवधि में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, रात का तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है, जिससे सुबह और देर शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होगी।

आगामी दिनों की बात करें तो 23 से 25 जनवरी के बीच मौसम में बदलाव आने का अनुमान है। इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अन्य इलाकों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। इन छिटपुट बारिशों से लंबे समय से चले आ रहे शुष्क दौर से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। नीलगिरि जिले और डिंडीगुल जिले के कोडाइकनाल पर्वतीय क्षेत्र में आज और कल रात या सुबह के समय कोहरा छा सकता है।

इन इलाकों में वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को कम दृश्यता के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों के लिए पूर्वानुमान के अनुसार दिन में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।

सुबह के समय एक-दो स्थानों पर हल्का कोहरा पड़ सकता है। शहर में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

इस बीच, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी ने बताया कि इस क्षेत्र में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकों के साथ हो सकती हैं।

इसी को देखते हुए मछुआरों को आज इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने हालात पर करीबी नजर बनाए रखने और आम जनता व समुद्री समुदाय से आधिकारिक परामर्शों पर नजर रखने की अपील की है।

–आईएएनएस

डीएससी


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