वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित, नेताओं ने बताया ऐतिहासिक और सुधारवादी कदम


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित हो गया। विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली। इसके अलावा, मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 का निरसन करने वाला मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया।

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि इन संशोधनों के बाद विधेयक को एक ऐसा ढांचा और स्वरूप दिया गया है, जो गरीब मुसलमानों के पक्ष में है। यह उन लोगों के अधिकारों की बात करता है जो अभी भी मुस्लिम समुदाय में हाशिए पर हैं, चाहे वे पिछड़ी मुस्लिम जातियों से हों या मुस्लिम महिलाएं हों। ये संशोधन उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में लाभकारी होगा।

उन्होंने आगे कहा, विपक्ष लंबे समय से मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रहा है, बार-बार कह रहा है कि इस पर बहस होनी चाहिए। अब वे मामले की गंभीरता पर सवाल उठा रहे हैं। हम बहस करने के लिए तैयार हैं, लेकिन आप नहीं हैं। आपकी नींद आपके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है, इसलिए आप अनुपस्थित रहना पसंद करते हैं। जब गृह मंत्री मणिपुर पर जवाब देते हैं, तो विपक्ष दावा करता है कि प्रधानमंत्री नहीं आते हैं, गृह मंत्री बोलते नहीं हैं, और तरह-तरह के सवाल उठाते हैं। लेकिन जब गृह मंत्री वास्तव में जवाब दे रहे होते हैं, तो आपको सुनना भी जरूरी नहीं लगता। विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी है कि वे उपस्थित रहें और चर्चा में भाग लें, लेकिन आप लंबे समय तक जुड़े नहीं रह पाते।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने 2013 में तुष्टीकरण के कारण जो गलतियां की थीं, उन्हें सुधार दिया गया है। इससे गरीबों और महिलाओं का समावेश सुनिश्चित हुआ है। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वक्फ बोर्ड समृद्ध होगा। यह भूमि हड़पने के बारे में नहीं है, बल्कि गरीबों के लिए भूमि अधिकार सुरक्षित करने के बारे में है।

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम संतुष्ट हैं कि वक्फ विधेयक पारित होने के साथ एक ऐतिहासिक फैसला हुआ है। इस संशोधन से अब गरीबों, विधवाओं, अनाथ बच्चों, महिलाओं और अन्य लोगों को लाभ मिलेगा।

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि यह वास्तव में ऐतिहासिक सुधार है। एक संस्था जो अपारदर्शी, भ्रष्ट, वास्तव में गैर-जिम्मेदार, क्रूर थी, उसे आखिरकार तर्कसंगत बनाया गया है। यह संशोधन विधेयक लगभग 70 वर्षों से लंबित सुधार का हिस्सा था। यूपीए सरकार द्वारा देश के संविधान के साथ धोखाधड़ी की गई थी। वर्क्स एक्ट में 2013 के संशोधन ने वर्क्स बोर्ड को एक राक्षस बना दिया था जिसके पास किसी भी भूमि पर दावा करने की शक्ति थी, और इसने सामाजिक ताने-बाने के स्तर पर बहुत तनाव पैदा किया। इन सभी मुद्दों को इस विधेयक में संबोधित किया गया है।

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने पर लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, “आप इसका विरोध क्यों करेंगे? यह जेपीसी के पास गया, जहां इस पर गहन चर्चा हुई। आपके सभी प्रस्तावित संशोधनों पर विचार किया गया और आपकी चिंताओं को ध्यान में रखा गया। अगर विपक्ष फिर भी इसे चुनौती देना चाहता है, तो वे किसी भी चीज को चुनौती दे सकते हैं। लोक जनशक्ति पार्टी इस विधेयक का पूर्ण समर्थन करती है और हमारा विश्वास है कि आने वाले समय में यह हमारे देश के लिए धर्मनिरपेक्षता की नई परिभाषा गढ़ेगा।”

–आईएएनएस

एकेएस/केआर


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