उत्तर प्रदेश: एक और बीएलओ की मौत, मुरादाबाद के डीएम बोले-एसआईआर से कोई संबंध नहीं

मुरादाबाद, 30 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में लगे एक बीएलओ की मौत के बाद प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अनुज कुमार सिंह का कहना है कि इससे एसआईआर प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है।
दरअसल, रविवार सुबह मुरादाबाद में बीएलओ का काम कर रहे 45 वर्षीय टीचर सर्वेश सिंह ने अपने घर के अंदर ही फंदा लगाकर जान दे दी। उनकी जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें बीएलओ ने टारगेट के टेंशन और अधिकारियों के दबाव को खुदकुशी का कारण बताया है।
घटना को लेकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अनुज कुमार सिंह ने बताया कि सर्वेश सिंह जाहिदपुर गांव के बूथ नंबर 406 पर तैनात थे। बीएलओ द्वारा बड़ा कदम उठाए जाने की सूचना मिली है। इसके साथ ही, एक नोट भी मिला है जिसमें कुछ बातें बताई गई हैं। लोकल पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि उनके काम में कोई खास कमी नहीं थी। करीब 67 प्रतिशत फॉर्म डिजिटलाइज हो चुके थे और लगभग 6 प्रतिशत अन्य मार्किंग भी पूरी की जा चुकी थी। काम लगभग अंतिम चरण में था। उन्होंने बताया कि सर्वेश सिंह के सुपरवाइजर, जो रिश्तेदारी में भी आते हैं, ने जानकारी दी कि वे लगातार सर्वेश से संपर्क में थे और उनकी मदद के लिए एक आंगनबाड़ी कर्मचारी भी साथ लगाया गया था।
डीएम का कहना है कि एसआईआर अभियान और इस कदम के बीच अभी सीधा संबंध पूरी तरह साबित नहीं हुआ है, पर जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हो रही है।
स्थानीय पुलिस परिवार के बयान, सुसाइड नोट की सामग्री और अन्य परिस्थितियों को देखकर पूरी घटना की पड़ताल कर रही है। आगे की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
यूपी में एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 7 बीएलओ की मौत हो चुकी है, जिसमें से 3 बीएलओ ने आत्महत्या की है।
–आईएएनएस
पीआईएम/वीसी