क्यूबा में छाए मानवीय संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर क्यूबा के अधिकारी मानवीय संकट से बचना चाहते हैं, तो उन्हें वॉशिंगटन के साथ एक समझौता करना होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह धमकी तब आई है, जब उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में क्यूबा को तेल बेचने वाले किसी भी देश के सामान पर टैरिफ लगाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किया। ट्रंप के इस फैसले के बाद से क्यूबा के खिलाफ 1960 के दशक से चली आ रही रोक और मजबूत हो गई। क्यूबा के लिए वेनेजुएला तेल का मुख्य स्रोत था।
ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की और तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ले आया गया। मेक्सिको ने हाल के हफ्तों में क्यूबा को तेल की डिलीवरी बढ़ा दी है। मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबाम ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति का आदेश बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा कर सकता है, जिसका सीधा असर क्यूबा के लोगों के लिए अस्पतालों, फूड सप्लाई और दूसरी बेसिक सेवाओं पर पड़ेगा।
शनिवार को एयर फोर्स वन में मीडिया ने राष्ट्रपति शीनबाम की ओर से किए गए इस टिप्पणी को लेकर सवाल किया, तो ट्रंप ने कहा, “ठीक है, यह मानवीय संकट होना जरूरी नहीं है। मुझे लगता है कि वे शायद हमारे पास आएंगे और एक डील करना चाहेंगे। तो, क्यूबा फिर से आजाद हो जाएगा।”
उन्होंने कहा, “क्यूबा के हालात बहुत खराब हैं। उनके पास पैसे नहीं हैं। उनके पास तेल नहीं है। वे वेनेजुएला के पैसे और तेल पर जीते थे, और अब उनमें से कुछ भी नहीं आ रहा है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा जताया है कि दोनों पक्ष एक डील कर लेंगे और वॉशिंगटन हवाना के प्रति दयालु होगा। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि वह क्यूबा सरकार से कौन सी खास छूट चाहते हैं, बस इतना कहा कि अमेरिका में अभी बहुत से लोग हैं, जो क्यूबा वापस जाना चाहेंगे और हम इस पर काम करना चाहेंगे।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शनिवार को वॉशिंगटन पर क्यूबा की अर्थव्यवस्था का गला घोटने का आरोप लगाया। उन्होंने यूएन द्वारा मंजूर नहीं किए गए एकतरफा बैन के मॉस्को के विरोध को फिर से दोहराया और भरोसा जताया कि हवाना अपनी आर्थिक मुश्किलों से उबर पाएगा।
–आईएएनएस
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