अमेरिका-ईरान डील से आपूर्ति श्रृंखलाओं को पुनर्स्थापित और महंगाई को काबू करने में मिलेगी मदद : पीएचडीसीसीआई

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रणजीत मेहता ने सोमवार को कहा कि अमेरिका-ईरान डील एक स्वागत योग्य फैसला है। इससे आपूर्ति श्रृंखलाओं को पुनर्स्थापित करने और राजकोषीय घाटे एवं महंगाई को काबू करने में मदद मिलेगी।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मेहता ने कहा कि भारत का 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से आता है। इससे कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतें नीचे आएगी। साथ ही, महंगाई और राजकोषीय घाट के साथ उर्वरकों की कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका-ईरान डील के तहत हॉर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी रुकावट के खोलने की बात कही गई है। यहां से पूरे विश्व का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में अगर यह पूरी तरह से बिना किसी व्यवधान के खुलना है तो पूरी दुनिया के लिए लंबे समय तक कच्चे तेल की आपूर्ति आसानी से सुनिश्चित हो सकेगी।
मेहता ने आगे कहा कि सरकार ने संकट के समय देश की आपूर्ति श्रृंखलाओं का काफी सही ढंग से प्रबंधन किया। इसके कारण हमारे देश में दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले ऊर्जा की कीमतों में कम वृद्धि देखने को मिली है।
पीएचडीसीसीआई के सीईओ के मुताबिक, अमेरिका-ईरान शांति समझौते का देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर होगा। कच्चे तेल की कीमतों के कम होने के कारण देश में डॉलर के मांग घटेगी। इससे अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए में स्थिरता आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस शांति समझौते से सकारात्मक माहौल बनाने में भी मदद मिली है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला, जो कि हरे निशान में बंद हुआ।
वैश्विक स्तर पर स्थिरता के संकेतों से भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 736.38 अंक या 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,264.33 और निफ्टी 231 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,853.90 पर बंद हुआ।
–आईएएनएस
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