एआई इम्पैक्ट समिट में यूएस प्रतिनिधिमंडल आएगा भारत, बेसेंट बोले- एआई वित्तीय स्थिरता टेस्ट के तौर पर उभरा


वॉशिंगटन, 5 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में इस महीने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत होने जा रही है। इस शिखर सम्मेलन में 100 देशों के 500 से अधिक स्टार्टअप्स शामिल होंगे। अमेरिका की तरफ से पॉलिसी डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचेगा।

अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कांग्रेस को बताया कि एआई मार्केट को मजबूत कर सकता है, लेकिन इससे रिस्क भी होते हैं, जिन पर कड़ी नजर रखने की जरूरत होती है।

व्हाइट हाउस ने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्रैट्सियोस इस महीने के आखिर में भारत में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। क्रैट्सियोस इस समिट का इस्तेमाल ट्रंप के अमेरिका एआई एक्सपोर्ट्स प्रोग्राम पर अपडेट देने के लिए करेंगे। इसे एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से दुनिया को अमेरिका के टेक स्टैक से जोड़ने के लिए बनाया गया था।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के दूसरे सदस्यों में आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए वाणिज्य विभाग के अवर सचिव विलियम किमिट और उद्योग और सुरक्षा के वाणिज्य विभाग के अवर सचिव जेफरी केसलर शामिल हैं।

माइकल क्रैट्सियोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “इस महीने भारत में एआई इम्पैक्ट समिट में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को लीड करने का इंतजार है। अमेरिका एआई इनोवेशन के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड सेट कर रहा है और हम इसे अपने वैश्विक साझेदारों के साथ शेयर करना चाहते हैं।”

अमेरिका के वित्त सचिव बेसेंट ने कहा कि एआई अब वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा के लिए चार शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। बाकी हैं वित्तीय बाजार, साइबर सुरक्षा और विनियामक आधुनिकीकरण। बेसेंट ने कहा, “काउंसिल वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदारी से इस्तेमाल को प्राथमिकता दे रही है।”

उन्होंने कहा कि रेगुलेटर पब्लिक और प्राइवेट पार्टनर के साथ काम कर रहे हैं। इसका मकसद पूरे सिस्टम में रिस्क को मॉनिटर करते हुए रेजिलिएंस को बेहतर बनाना है।

बेसेंट ने कहा कि एआई बैंकों और फाइनेंशियल मार्केट में तेजी से फैल रहा है। फर्म इसका इस्तेमाल रिस्क मैनेजमेंट, कम्प्लायंस और ऑपरेशन के लिए कर रही हैं। हम शोरगुल को अनदेखा कर उन मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं, जो अमेरिका की वित्तीय स्थिरता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं।

–आईएएनएस

केके/एबीएम


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