अमेरिकी सेना का दावा: होर्मुज स्‍ट्रेट में ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोन' मार गिराए


वॉशिंगटन, 7 जून (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, होर्मुज स्‍ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बने ईरान के दो ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को मार गिराया गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पोस्‍ट में बताया क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट में ईरान के दो ड्रोन मार गिराए हैं। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना ने ईरान के दो ऐसे ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को मार गिराया, जिनसे होर्मुज स्‍ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा था। अमेरिकी सेना ईरानी आक्रामकता का मुकाबला करने और बचाव जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सेंटकॉम के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्‍ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर ड्रोन लॉन्च किए, लेकिन अमेरिकी सेना ने उन्हें टकराने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया।

इस घटना से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। वैश्विक समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। एक द‍िन शन‍िवार को कुवैत और बहरीन दोनों ने अपने देशों पर ईरान के नए हमलों की कड़ी आलोचना की।

शनिवार को कुवैत और बहरीन दोनों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की घोषणा की, जबकि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान में केशम द्वीप और सिरिक काउंटी पर पहले हुए अमेरिकी हमलों के बदले में कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर हमला करने की पुष्टि की।

आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन में उन्हीं दो अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घोषणा की, जो केशम आइलैंड पर आईआरजीसी के कम्युनिकेशन टावर पर रात भर हुए अमेरिकी हमले का बदला था।

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा है।

बहरीन ने ईरान से अपने हमले रोकने, होर्मुज को बिना किसी रोक-टोक के पूरी तरह से फिर से खोलने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री नेविगेशन की आजादी का सम्मान करने को कहा।

वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि लगातार हो रहे हमले ऐसे समय में खतरनाक बढ़ोतरी को दिखाते हैं जब दुनिया भर की कोशिशें एक बड़े क्षेत्रीय झगड़े को रोकने पर फोकस कर रही हैं। हमलों को किसी भी बहाने से सही या स्वीकार नहीं किया जा सकता।

–आईएएनएस

एवाई/एएस


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