प्रियंका गांधी के इर्द-गिर्द यूपी कांग्रेस की रणनीति, जन्मदिन बना सियासी लॉन्च पैड!


लखनऊ, 10 जनवरी (आईएएनएस)। 12 जनवरी को प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन के बहाने कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अगले 100 दिनों की अपनी रणनीति का ऐलान करने जा रही है। सभी मंडल मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता आयोजित की जाएगी।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाना है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पाण्डे ने निर्देश जारी किया है।

प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन के मौके पर आयोजित की जाने वाली प्रेस वार्ता में पार्टी की आगामी 100 दिनों की कार्ययोजना की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले नेताओं की सूची भी जारी कर दी गई है।

जहां-जहां प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, उनमें अयोध्या, झांसी, बरेली, चित्रकूट, गोरखपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, आगरा, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, बस्ती, कानपुर, मिर्जापुर, गोंडा, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद एवं मथुरा शामिल हैं।

कांग्रेस नेताओं से कहा गया है कि वे पत्रकार वार्ता को संबोधित करने वाले कांग्रेस नेताओं से संपर्क स्थापित करें और प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन के कार्यक्रम को संपन्न कराने में अपना योगदान दें।

हालांकि, सूत्रों का दावा है कि प्रियंका गांधी अपने जन्मदिन से पहले ही विदेश यात्रा पर रवाना हो चुकी हैं और इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी नहीं होगी। इसके बावजूद पार्टी स्तर पर उनके नाम और राजनीतिक छवि के इर्द-गिर्द पूरी कवायद को आकार दिया जा रहा है, जिससे सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस उन्हें यूपी में एक बार फिर केंद्रीय चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करने की दिशा में सोच रही है।

बता दें कि प्रियंका गांधी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर उत्तर प्रदेश की प्रभारी रह चुकी हैं और राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका हमेशा अहम मानी गई है। बीते दो वर्षों से संगठन में उनके पास कोई औपचारिक जिम्मेदारी नहीं थी, लेकिन हाल ही में वायनाड से सांसद बनने के बाद उन्हें असम विधानसभा चुनाव के लिए गठित स्क्रीनिंग कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया है।

इस नई जिम्मेदारी के साथ ही प्रियंका गांधी की संगठनात्मक सक्रियता फिर से बढ़ती दिख रही है। ऐसे में उनके जन्मदिन के मौके पर यूपी कांग्रेस द्वारा 100 दिनों का एजेंडा पेश करना महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर चल रही बड़ी राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


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