यूपी विधानसभा में विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पेश, कौशल प्रशिक्षण और ओडीओपी पर सरकार का फोकस

लखनऊ, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में गुरुवार को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जुड़े कई अहम मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। सदन में जहां उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026 पुरस्थापित किए गए, वहीं सरकार ने कौशल विकास मिशन और ओडीओपी योजना के जरिए रोजगार बढ़ाने के दावों को भी सामने रखा।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने दोनों संशोधन विधेयकों को सदन में प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव पर सदन में मत व्यक्त कराया गया, जिसके बाद बहुमत से विधेयकों को पुरस्थापित करने की अनुमति प्रदान की गई।
मंत्री के अनुसार, इन संशोधनों से विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे को मजबूती मिलेगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर अकादमिक वातावरण उपलब्ध होगा। इस बीच, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के अंतर्गत युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई। राजकीय आईटीआई अलीगंज, लखनऊ में ऑटोमोटिव सेक्टर के तहत ‘ऑटोमोटिव असेंबली ऑपरेटर’ (320 घंटे) और ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल मेंटेनेंस टेक्नीशियन’ (420 घंटे) पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। 10वीं, 12वीं अथवा आईटीआई उत्तीर्ण और न्यूनतम 18 वर्ष आयु के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। प्रशिक्षण प्रथम आओ, प्रथम पाओ के आधार पर होगा तथा पाठ्यक्रम पूर्ण होने के बाद रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाएगी। महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पृथक सीटें आरक्षित की गई हैं।
वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने सदन में बताया कि वर्ष 2018 में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के तहत अब तक 3,16,000 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण और टूल किट प्रदान की गई है। सहारनपुर में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट और 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी दी गई।
चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश का निर्यात वर्ष 2017-18 के 86 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी और हस्तशिल्प उत्पादों का है।
उन्होंने कहा कि 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिससे वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। सरकार ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा सुधार, कौशल विकास और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर और रोजगारसम्पन्न बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
–आईएएनएस
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