केंद्रीय गृह सचिव आज जम्मू-कश्मीर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे


जम्मू, 23 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जम्मू और कश्मीर पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

सोमवार दोपहर 2:30 बजे शुरू होने वाली बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल दुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कश्मीर व जम्मू डिवीजनों के दोनों महानिरीक्षक शामिल होंगे।

केंद्रीय गृह सचिव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता करेंगे। पिछले महीने किश्तवाड़ जिले के चतरू के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन के कमांडर सैफुल्लाह सहित चार शीर्ष आतंकवादियों के मारे जाने के बाद केंद्रीय गृह सचिव द्वारा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य की यह पहली उच्चस्तरीय समीक्षा होगी।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रशासित प्रदेश के पहाड़ों और जंगलों, विशेषकर जम्मू क्षेत्र में कुछ विदेशी आतंकवादियों के छिपे होने का संदेह है। बैठक में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और तेज करने की रणनीति की समीक्षा की जाएगी। गर्मी शुरू होने के साथ ही आतंकवाद विरोधी अभियान और तेज किए जाएंगे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय चाहता है कि सुरक्षा एजेंसियां ​​छिपे हुए आतंकवादियों के खिलाफ पूरी ताकत से कार्रवाई करें। सेना, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा, विशेष रूप से प्रशिक्षित विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवानों को भी पहाड़ों, जंगलों और ऊपरी इलाकों में तैनात किया गया है, जहां आतंकवादियों के छिपे होने का संदेह है।

एसओजी के जवानों को बेहद कठिन क्षेत्रों और प्रतिकूल मौसम में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, आतंकवादियों का भूमिगत नेटवर्क भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एक बार इस गठजोड़ का भंडाफोड़ हो जाने पर आतंकवादियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

ऐसी खबरें हैं कि कुछ भूमिगत आतंकवादी नेटवर्कों का भंडाफोड़ हो चुका है और पुलिस अन्य ऐसे गिरोहों को भी ध्वस्त करने के करीब है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जम्मू-कश्मीर की वित्तीय स्थिति की समीक्षा भी प्रमुख एजेंडा में शामिल है।

सूत्रों ने बताया कि बैठक में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के बजट व्यय पर भी चर्चा होगी, जिसके लिए अब केवल 10 दिन बचे हैं और 2026-27 के लिए पुलिस की आवश्यकताओं पर भी विचार किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर पंचायत का बजट अब सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस अब आधुनिक हथियारों और उपकरणों से लैस एक सक्षम बल है, जो आतंकवादियों और हर तरह के अपराधों से निपटने में सक्षम है।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार आधुनिकीकरण की प्रक्रिया अभी भी जारी है और इस दिशा में कुछ कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा की गई पिछली बैठकों के अनुवर्ती कार्रवाई जैसे कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

उल्लेखनीय है कि अमित शाह ने 5 से 7 फरवरी तक जम्मू क्षेत्र का दौरा किया था और उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा व विकास संबंधी बैठकों की अध्यक्षता की थी।

संशोधित रणनीति के तहत, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल केंद्रशासित प्रदेश में आतंकी समर्थन प्रणाली को पूरी तरह से खत्म करने के लिए आतंकवादियों, उनके गुर्गों और समर्थकों को निशाना बना रहे हैं।

नशीली दवाओं के तस्कर और हवाला रैकेट में शामिल लोग भी सुरक्षा बलों की निगरानी में हैं क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इन गतिविधियों से प्राप्त धन का उपयोग अंततः आतंकवाद को वित्त पोषित करने के लिए किया जा रहा है।

–आईएएनएस

ओपी/पीएम


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