संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में दुर्व्यवहार की आलोचना की


जिनेवा, 24 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने एक बयान में अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में बार-बार दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने प्रवासियों और शरणार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और अपमान को लेकर कहा कि मानवीय गरिमा और उचित प्रक्रिया अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए कई लोगों को समय पर कानूनी सलाह और अपनी हिरासत व निष्कासन के फैसलों का विरोध करने के प्रभावी साधन नहीं मिल पाते हैं। तुर्क ने अमेरिका से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उसकी प्रवासन नीतियां और प्रवर्तन कार्रवाई मानवीय गरिमा और उचित प्रक्रिया अधिकारों का सम्मान करे।

उन्होंने अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की हिरासत में होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की भी मांग की। बयान के अनुसार, पिछले साल कम से कम 30 ऐसी मौतें हुई थीं, जबकि इस साल अब तक छह और मौतें हुई हैं।

इसी साल 7 जनवरी को मिनियापोलिस में एक संघीय प्रवर्तन अभियान के दौरान एक आईसीई एजेंट ने 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक को गोली मार दी। एक हफ्ते बाद उसी इलाके में एक और आईसीई एजेंट ने एक वेनेजुएला के अप्रवासी को गोली मार दी, जिसके कारण लोगों का आक्रोश देखने को मिला।

इसी बीच जानकारी आई कि अमेरिकी मिनियापोलिस-सेंट पॉल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग 100 पादरी सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।

फेथ इन मिनेसोटा समूह के अनुसार, एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 परिसर क्षेत्र में सड़कों को अवरुद्ध करने के बाद स्थानीय पुलिस ने इन धार्मिक नेताओं को हिरासत में ले लिया। आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शनकारी एयरलाइंस, विशेष रूप से डेल्टा एयर लाइन्स और सिग्नेचर एविएशन से, मिनेसोटा में अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के अभियानों में सहयोग बंद करने का आह्वान कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर पादरी सदस्यों ने एक साथ प्रार्थना की, भजन गाए और आईसीई की ओर से हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में जानकारियां दीं। फेथ इन मिनेसोटा ने बताया कि एयरपोर्ट से अनुमानित दो हजार लोगों को निर्वासित किया गया है। यूनियन सदस्यों ने यह भी बताया कि आईसीई ने 12 एयरपोर्ट के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

–आईएएनएस

डीसीएच/


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