छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में दो माओवादी ढेर


बीजापुर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में चल रहे माओवाद विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने शनिवार को दो माओवादियों को मार गिराया। यह कार्रवाई पुलिस और डीआरजी ने संयुक्त रूप से की। बीजापुर जिले के दक्षिणी हिस्से में माओवादियों पर जवाबी फायरिंग के बाद दो माओवादियों के शव बरामद हुए।

सुरक्षा बल बीजापुर जिले के दक्षिणी हिस्से में हथियारबंद माओवादियों के साथ भीषण गोलीबारी कर रहे हैं, जिसमें अब तक दो माओवादियों के शव बरामद हुए हैं।

जानकारी के अनुसार मुठभेड़ सुबह 5.00 बजे शुरू हुई, जब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम दक्षिण बस्तर के जंगलों में तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी की चपेट में आ गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन इलाके में हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। डीआरजी ने ऑपरेशन शुरू किया, जिसके बाद रुक-रुक कर गोलीबारी हुई जो अभी भी जारी है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चल रही तलाशी के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।

जैसे-जैसे तलाशी अभियान आगे बढ़ेगा, हथियार और अन्य सामान जब्त किए जाने की उम्मीद है। अब तक सुरक्षाकर्मियों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए, अधिकारियों ने मुठभेड़ की सही जगह और इसमें शामिल सुरक्षा बलों की संख्या जैसी जानकारी नहीं बताई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “ऑपरेशन अभी भी निर्णायक चरण में चल रहा है। मैदान में तैनात हमारे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इस स्तर पर संवेदनशील जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता है।”

माओवादियों की पहचान, बरामद हथियार और आगे के नतीजों सहित एक विस्तृत रिपोर्ट ऑपरेशन खत्म होने और इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित करने के बाद जारी की जाएगी। यह घटना बस्तर डिवीजन में तेज किए गए नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा है, जो लंबे समय से माओवादियों का गढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में कई सफल ऑपरेशन हुए हैं, जिससे डीआरजी, राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से माओवादी नेटवर्क काफी कमजोर हुआ है।

राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां ​​वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के राष्ट्रीय प्रयासों के अनुरूप है। घने जंगलों में तलाशी जारी रहने के कारण, इलाके की घेराबंदी करने और किसी भी माओवादी को भागने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

–आईएएनएस

एसएके


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