ईरान समझौते के लिए अभी तैयार नहीं पर जल्द ही तैयार हो जाएगा : ट्रंप

वॉशिंगटन, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारी सैन्य दबाव झेलने के बावजूद ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए अभी तैयार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान लगातार बातचीत के दौरान अपना रुख बदलता रहा, जबकि अमेरिका अपने इस संकल्प पर कायम है कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ईरान के साथ संघर्ष में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समयानुसार) जॉर्जिया में एक चुनावी रैली जैसी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तेहरान के प्रति अपनी सरकार की सैन्य और कूटनीतिक नीति का बचाव किया और इस टकराव को दुनिया में अमेरिका की ताकत बहाल करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया।
ट्रंप ने कहा, “शेयर बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। मैं ईरान के इस टकराव को एक छोटी झड़प कहता हूं। इसके बावजूद चुनाव के बाद से शेयर बाजार 73 बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुका है।” उन्होंने इस सैन्य तनाव को अमेरिका की मजबूत अर्थव्यवस्था और निवेशकों के भरोसे से जोड़कर पेश किया।
ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि तेहरान अभी भी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा, “उन पर जबरदस्त दबाव है और वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन हर बार जब समझौते की बात होती है तो वे अपनी शर्तें बदल देते हैं। वे अभी तैयार नहीं हैं, लेकिन बहुत जल्द तैयार हो जाएंगे।”
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
उन्होंने कहा, “हमें यह करना ही होगा, क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।” वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और होरमुज़ जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने उद्देश्य में सफल हो रहा है और यह सुनिश्चित करेगा कि वह भविष्य में अमेरिका के लिए खतरा न बन सके।
ट्रंप ने ईरानी सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ व्यापक दमन का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 महीनों में 52,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है और इस मुद्दे को पर्याप्त मीडिया कवरेज नहीं मिली।
रैली से पहले ट्रंप ने बताया कि उन्होंने डोवर एयर फ़ोर्स बेस पर ईरान संघर्ष में मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में आयोजित “डिग्निफाइड ट्रांसफर” समारोह में हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, “मैं ईरान के साथ संघर्ष में शहीद हुए चार महान अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर के स्वदेश लौटने पर आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुआ।”
ट्रंप ने शहीद सैनिक लेफ्टिनेंट टायलर फीहान के परिवार से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि परिवार जॉर्जिया में रैली स्थल के पास रहता था, इसलिए उन्होंने उन्हें एयर फ़ोर्स वन से अपने साथ यात्रा करने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा, “मैं टायलर की मां शेरी, पिता स्टीफन और उनके चाचा डेविड का धन्यवाद करता हूं। टायलर की याद हमेशा हमारे दिलों में रहेगी।”
ऊर्जा सुरक्षा पर बोलते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और वेनेजुएला के बढ़े हुए तेल उत्पादन के कारण अमेरिका अब महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर पहले जितना निर्भर नहीं है।
उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका और वेनेजुएला को मिलाकर देखें तो हमारे पास दुनिया के लगभग 62 प्रतिशत तेल संसाधन हैं। इसलिए हमें जलडमरूमध्य की जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी हम यह सब इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।”
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर रहा है। होरमुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया में कारोबार होने वाले कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयातकों में शामिल भारत भी खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखता है, क्योंकि इनका सीधा असर तेल आपूर्ति, समुद्री मालभाड़े और महंगाई पर पड़ता है।
–आईएएनएस
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