ओडिशा : केंद्रपाड़ा से तीन बांग्लादेशी नागरिक डिपोर्ट, विशेष अभियान में अवैध घुसपैठिए के रूप में पहचान हुई


केंद्रपाड़ा, 30 जनवरी (आईएएनएस)। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के संयुक्त विशेष अभियान के दौरान इनकी पहचान अवैध घुसपैठिए के रूप में हुई।

डिपोर्ट किए गए लोगों में 65 वर्षीय मुमताज खान, 59 वर्षीय इंसान खान और 70 वर्षीय अमीना बीबी शामिल हैं, जो आपस में भाई-बहन हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ये तीनों व्यक्ति 1987 से पहले भारत में प्रवेश कर चुके थे। परिवार के कुल पांच सदस्य थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। मुमताज खान और इंसान खान सदर ब्लॉक के कपलेश्वर पंचायत अंतर्गत गरापुर बस्ती में रह रहे थे, जबकि उनकी बहन अमीना बीबी जंबू मरीन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अरुण नगर में रहती थीं। इन तीनों ने दशकों तक यहां स्थानीय समुदाय के साथ रहकर मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन किया था।

केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन ने हाल के महीनों में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत विभिन्न गांवों और बस्तियों में घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों को संदेह होने पर इन तीनों के पास कोई वैध भारतीय दस्तावेज नहीं मिला। उनके पास केवल पुराने बांग्लादेशी पहचान पत्र और कुछ स्थानीय प्रमाण-पत्र थे, जो नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।

जांच में पाया गया कि ये व्यक्ति 1980 के दशक में बांग्लादेश से ओडिशा आए थे और समय के साथ यहां बस गए। हालांकि, भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 और संशोधनों के तहत 1987 के बाद आए विदेशियों को नागरिकता का अधिकार नहीं मिलता, जबकि इनका प्रवेश उससे पहले का बताया जा रहा है। फिर भी, एफआरआरओ और विदेश मंत्रालय के निर्देश पर इन्हें डिपोर्ट करने का फैसला लिया गया।

डिपोर्टेशन प्रक्रिया के तहत तीनों को पहले केंद्रपाड़ा जेल में रखा गया, जहां उनकी स्वास्थ्य जांच की गई। इसके बाद उन्हें कोलकाता के डुमडुम एयरपोर्ट ले जाया गया और बांग्लादेश सरकार के साथ समन्वय में ढाका भेज दिया गया। बांग्लादेशी उच्चायोग ने इनकी पहचान की पुष्टि की और स्वदेश वापसी की सहमति दी।

–आईएएनएस

एससीएच


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