'समझौता कर लेना चाहिए', अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य के साथ हुई बदसलूकी पर बोले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री

कोटा, 23 जनवरी (आईएएनएस)। बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोटा में रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में श्रीराम की कथा का वाचन किया।
मंच से उन्होंने गौसेवा के लिए युवाओं को प्रेरित किया और केंद्र सरकार से भी अपील की कि वे गाय को ‘राष्ट्र माता’ करें। इसी बीच माघ में मेले में प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य के बीच हुई नोकझोंक पर उन्होंने दोनों पक्षों को समझौता करने की सलाह दी।
कथा का उद्देश्य बताते हुए पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “गाय के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान है, और आशा है कि प्रत्येक घर गाय की देखभाल करेगा। केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया जाता है कि वह गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक घर में गायों की देखभाल की जाए। इन्हीं उद्देश्य के साथ आज की कथा की गई है।” उन्होंने आगे बताया कि कथा में खास बात ये है कि इस बार कथा में आरती का सौभाग्य 20 गरीब परिवारों को मिलेगा।
अब गरीब कौन है, इसका पता लगाने के लिए हमने पंडितों की कमेटी आयोजित की है। इससे गरीबी और अमीरी का भेद कम होगा।” संगम घाट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य और अधिकारियों के बीच हुई नोकझोंक के बारे में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहते हैं, “मेरे पास इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है और मैं हर बात की पुष्टि नहीं कर सकता। मैंने सोशल मीडिया या अन्य मीडिया पर जो कुछ भी देखा है, उसके आधार पर मैं कहूंगा कि सनातन धर्म का उपहास नहीं किया जाना चाहिए। दोनों पक्ष अपने हैं, दोनों सनातनी ही हैं, और मेरा मानना है कि दोनों पक्षों को बैठकर समझौता कर लेना चाहिए।”
सोशल मीडिया पर अपना समय बर्बाद करने वाले युवाओं के लिए धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “आजकल कई युवा, चाहे वे वर्तमान पीढ़ी के हों या आने वाली पीढ़ी के, सोशल मीडिया में उलझकर अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं। अपने परिवार से सिर्फ रील्स या इंस्टाग्राम के जरिए ही न जुड़ें। उनसे सीधे तौर पर जुड़े रहें ताकि उनकी भावनाओं और संवेदनाओं को सही मायने में समझा जा सके। जरूरी नहीं कि रील पर आने वाले हर व्यक्ति का चित्र और चरित्र ठीक हो, इसलिए युवाओं को सावधानी बरतने की बहुत जरूरत है।”
–आईएएनएस
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