'इजरायल और पाकिस्तान में कोई अंतर नहीं', काबुल हमले की क्रिकेटर नवीन-उल-हक ने की आलोचना


मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के क्रिकेटर नवीन-उल-हक ने काबुल में हुए हवाई हमलों के लिए पाकिस्तान की आलोचना की, जिनमें 400 लोगों की मौत हुई। क्रिकेटर नवीन उल हक ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि ईरान पर इजरायल और अमेरिका की ओर से किए गए हमलों और उनके देश की राजधानी पर हुए हमलों में कोई फर्क है।

क्रिकेटर नवीन-उल-हक ने फेसबुक वॉल पर लिखा, “इजरायल और पाकिस्तान शासन में अंतर खोजना मुश्किल है।”

नवीन-उल-हक कई अफगान क्रिकेटरों में से हैं जिन्होंने इन हवाई हमलों की निंदा की, जिनमें कई नागरिक मारे गए।

अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने भी इन हमलों की निंदा की और उन्हें ‘भयानक और गहन चिंता पैदा करने वाले’ करार दिया और कहा कि वह ‘अफगान लोगों के साथ इस कठिन समय में’ खड़े हैं।

उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण नागरिकों के हताहत होने की नवीनतम रिपोर्ट से मैं गहराई से दुखी हूं। नागरिक घरों, शैक्षिक संस्थानों या चिकित्सा बुनियादी ढांचे को लक्षित करना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, युद्ध अपराध है। खासकर रमजान के पवित्र महीने में मानव जीवन की इतनी अनदेखी करना भयानक और गहन चिंता पैदा करने वाला है। यह केवल विभाजन और घृणा को बढ़ावा देगा।”

अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान ने सोशल मीड‍िया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर ल‍िखा, “मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस नवीनतम अत्याचार की पूरी तरह से जांच करें और अपराधियों को सजा दिलाएं। मैं अपने अफगान लोगों के साथ इस कठिन समय में खड़ा हूं। हम ठीक होंगे और हम एक राष्ट्र के रूप में उठेंगे, हमेशा की तरह। इंशाअल्लाह।”

एक अन्य अफगान क्रिकेटर, रहमानुल्लाह गुरबाज ने भी पाकिस्तान के हमले में ‘निर्दोष लोगों’ के जीवन के नुकसान पर दुख जताया और सवाल किया कि दुनिया कब तक इन घटनाओं पर चुप रहेगी।

गुरबाज ने सोशल मीड‍िया अकाउंट एक्‍स पर ल‍िखा, “रमजान के दौरान अफगानिस्तान में एक अस्पताल पर पाकिस्तान की ओर से बमबारी की गई। अंतरराष्ट्रीय कानून अब कहां है? मानवता अब कहां है? कितने निर्दोष जीवन खोने चाहिए इससे पहले कि दुनिया बोले?”

कई फैंस ने भी इन क्रिकेटरों का समर्थन किया और पाकिस्तान की ओर से किए गए नागरिक हत्याकांड की निंदा की।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तब से लगातार टकराव हो रहे हैं जब तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता संभाली। पाकिस्तान का दावा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच विद्रोही अफगानिस्तान से संचालित होते हैं और सीमा पार कई हमले करते हैं। अफगान तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों को आश्रय दे रहा है।

कुछ महीने पहले, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में सीमा पार कई जगहों पर बमबारी की थी, जिसमें तीन घरेलू क्रिकेटरों की मौत हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान में होने वाली ट्राई-सीरीज से अपनी क्रिकेट टीम को वापस बुला लिया था।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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