जहां से पाकिस्तान ड्रोन भेजता है, उस जगह को ध्वस्त करना होगा: प्रफुल्ल बख्शी


नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। विंग कमांडर (रिटायर्ड) प्रफुल्ल बख्शी ने भारतीय सीमा पर ड्रोन घुसपैठ पर कहा कि पाकिस्तान निरंतर ड्रोन भेजता रहता है। हमारा काम है उन्हें गिराना-सारे ड्रोन को नष्ट कर देना चाहिए। जहां से वे लॉन्च हो रहे हैं, उन्हें ध्वस्त करना ही होगा।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने सेना प्रमुख के बयान पर कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी कैंप पहले से ही मौजूद हैं। यह पाकिस्तान की नीति और सिद्धांत है कि आतंकवादियों को भारत के खिलाफ भेजना। हमारा सिद्धांत क्या है? अब वे हमारी फायरिंग रेंज में हैं-मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, मीडियम-आर्क हेलीकॉप्टर या अन्य हथियारों से उन्हें नष्ट किया जा सकता है। सिर्फ कैंपों को नष्ट करने से फर्क नहीं पड़ेगा, बल्कि उस इलाके पर कब्जा करना होगा। एक बार कब्जा हो गया तो पाकिस्तान बातचीत की मेज पर आएगा। अन्यथा, वे कुछ दिनों में नए कैंप बना लेंगे। पाकिस्तान में आतंकवादियों की कमी नहीं है। वहां गरीबी चरम सीमा पर है। इसीलिए, जब तक हम उन जगहों पर कब्जा नहीं करेंगे जहां से यह ड्रोन भेजे जा रहे हैं, पाकिस्तान घुटने के बल नहीं आएगा।

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर विंग कमांडर (रिटायर्ड) प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि ईरान में प्रदर्शन पहले भी होते रहे हैं, इसमें कोई नहीं बात नहीं है। ईरान की स्थिति 1970 के दशक से और उससे भी पहले से ऐसी ही है। जनता पर अत्याचार हुआ है, जिससे प्रतिक्रियाएं होती हैं। शाह मोहम्मद रजा पहलवी के शासन के दौरान, अमेरिका खुश था, लेकिन जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने हटा दिया, तो खामेनेई के नेतृत्व में इस्लामी शासन सत्ता में आया। अब, वैसी ही स्थिति फिर से पैदा हो गई है। अधिकारी बहुत दमनकारी हो गए हैं, और जनता फिर से नाखुश है। कई राजनीतिक कारणों से कई लोग मारे गए हैं। अमेरिका इससे खुश नहीं है, शाह को हटाने के बाद से उसकी ऐतिहासिक नाराजगी जारी है। नतीजतन, अमेरिका ने ईरान से जुड़े मामलों में दखल देना शुरू कर दिया है।

प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि खामेनेई के खिलाफ ईरान में रोष जारी है, खासकर महिला वर्ग में, जहां पाबंदियों और दमन के खिलाफ असंतोष है। बख्शी ने कहा कि ईरान के साथ पहले अमेरिका की दोस्ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अमेरिका शाह के समय ईरान से लाभान्वित होता था-तेल की सप्लाई और व्यापार मजबूत था। अब खामेनेई के शासन में हो रहे प्रदर्शन के बीच उसके पास बहाना बन गया है कि वह ईरान के मामले में दखल देगा। ट्रंप खामेनेई के गिरने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि खामेनेई प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरत रहे हैं। यह ईरान का आंतरिक मामला है, लेकिन अमेरिका अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दखल दे रहा है-यह हैरानी की बात नहीं, क्योंकि अमेरिका खुलकर ऐसा करता है। अगर कोई देश अकेला हो तो अमेरिका हमला कर सकता है।

–आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी


Show More
Back to top button