होर्मुज को लेकर लंदन में होगी यूरोपीय देशों की अगली बैठक, कनाडाई पीएम कार्नी ने मैक्रों और स्टार्मर से की बात


नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सीजफायर जारी रहने तक खुला रखने का ऐलान किया। हालांकि, अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड को लेकर ईरान ने स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी भी दी है।

होर्मुज को पूरी तरह से खुला रखने को लेकर फ्रांस और ब्रिटेन की अध्यक्षता में बीते दिन एक मीटिंग हुई, जिसमें लगभग 40 देशों के नेता शामिल हुए। इस सिलसिले में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बात की और इजरायल-लेबनान सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट खुलने के फैसले का स्वागत किया है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज सुबह, मैंने इमैनुएल मैक्रों और कीर स्टार्मर समेत साथी नेताओं से होर्मुज स्ट्रेट पर असर डाल रही तेजी से बदल रही सुरक्षा और आर्थिक स्थिति के बारे में बात की, जिसमें दुनिया भर के समुद्री ट्रैफिक, ऊर्जा बाजार और जरूरी सप्लाई चेन में गंभीर रुकावटें शामिल हैं। हम इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर और ईरान द्वारा स्ट्रेट को फिर से खोलने की घोषणा का स्वागत करते हैं।”

पीएम कार्नी ने आगे कहा, “कनाडा, खाड़ी के उन साझेदारों के साथ पूरी तरह खड़ा है, जिन्होंने हाल ही में बदले की कार्रवाई और आर्थिक दबाव का सामना किया है और इस जरूरी कॉरिडोर से सुरक्षित और भरोसेमंद रास्ता फिर से शुरू करने के लिए मिलकर डिप्लोमैटिक और प्लानिंग की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन की कोशिशों का स्वागत करता है।”

बता दें, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर ब्रिटेन और फ्रांस ने लगभग 40 देशों के साथ मिलकर बातचीत की। इस बातचीत की मेजबानी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने की।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर फ्रांस-ब्रिटेन के नेतृत्व वाले इस बैठक पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “अब जब होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति खत्म हो गई है, तो मुझे नाटो से एक कॉल आया जिसमें पूछा गया कि क्या हमें कुछ मदद चाहिए। मैंने उनसे दूर रहने को कहा, जब तक कि वे सिर्फ अपने जहाजों में तेल भरना न चाहें। जरूरत पड़ने पर वे बेकार थे, एक कागजी शेर!”

इस मीटिंग में यूरोपीय देशों के लगभग 30 नेताओं के साथ-साथ एशियाई और मिडिल ईस्ट के देशों के लीडर्स भी ज्यादातर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इकट्ठा हुए। इसके अलावा, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी भी इस समिट में शामिल हुईं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच मौजूदा सीजफायर के बीच होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और फ्री-फ्लोइंग व्यापार सुनिश्चित करने के लिए एक बहुराष्ट्रीय बल भेजने पर विचार किया गया।

यूरोपीय नेता अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि अगर ब्लॉकेड जारी रहा, तो जेट फ्यूल खत्म होने पर कंज्यूमर्स को ज्यादा महंगाई, खाने की कमी और फ्लाइट कैंसलेशन जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं इस मीटिंग के बाद मैक्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजफायर रहने तक स्ट्रेट खुले रखने के ईरान के फैसले का स्वागत किया। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यह सही दिशा में जा रहा है। मैक्रों ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा के लिए अगले हफ्ते लंदन में एक मीटिंग होगी।

उन्होंने कहा, “हम सभी पार्टियों से होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत, बिना किसी शर्त के और पूरी तरह से फिर से खोलने की मांग करते हैं। हम दोनों देशों के बीच से पहले लागू फ्री पैसेज की शर्तों को फिर से शुरू करने और समुद्र के कानून का पूरा सम्मान करने की मांग करते हैं।”

–आईएएनएस

केके/एएस


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