'ए अजनबी' में दिखी पुराने और नए प्यार की कसक, कुटले खान बोले- 'लोक संगीत हमेशा से कहता आया है दिल की बात'


मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। संगीत सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं होता, बल्कि यह भावनाओं को व्यक्त करने का एक जरिया भी होता है। समय के साथ भले ही संगीत का अंदाज बदल गया हो, लेकिन उसके अंदर छिपी भावनाएं आज भी वैसी ही हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए कुटले खान, आदित्य रिखारी और रावतर का नया गाना ‘ए अजनबी’ सामने आया है, जो इन दिनों दर्शकों के बीच खूब पसंद किया जा रहा है।

यह गाना ‘कोक स्टूडियो भारत’ के नए सीजन का हिस्सा है, जहां हर बार अलग-अलग कलाकार मिलकर कुछ नया और खास पेश करते हैं। ‘ए अजनबी’ भी इसी कड़ी में एक खास एक्सपेरिमेंट है, जिसमें पुराने समय की भावनाओं और आज के दौर की अभिव्यक्ति को एक साथ जोड़ा गया है। इस गाने में एक तरफ लोक संगीत की मिठास है तो दूसरी तरफ आज के पॉप म्यूजिक का टच भी देखने को मिलता है, जो इसे और खास बनाता है।

गाने को लेकर कुटले खान ने कहा, “लोक संगीत हमेशा से लोगों की भावनाओं को अपने अंदर समेटे रहा है। यह हमेशा से दिल की बातों को कहता आया है। ‘ए अजनबी’ बनाते समय मेरा मकसद पुराने संगीत को दोहराना नहीं था, बल्कि उसे एक नए अंदाज में पेश करना था। मेरा मानना है कि असली संगीत वही होता है जो समय के साथ बदलते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़ा रहे।”

यह गाना एक सादगी भरी सच्चाई को सामने लाता है कि प्यार जताने के तरीके भले बदल गए हों, लेकिन उसके पीछे की भावना आज भी वैसी ही है। पहले लोग चिट्ठियों और नजरों के जरिए अपने जज्बात व्यक्त करते थे, जबकि आज के दौर में यही बातें मैसेज और अधूरी बातों के जरिए सामने आती हैं। ‘ए अजनबी’ इन दोनों दौरों के बीच की इस दूरी को बहुत ही खूबसूरती से जोड़ता है।

आदित्य रिखारी ने भी इस गाने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “यह गाना उन भावनाओं को दिखाता है जो लगभग हर इंसान ने कभी न कभी महसूस की हैं। किसी को चाहना, उसे याद करना और कई बार अपने दिल की बात को सही शब्दों में न कह पाना, ये सब इस गाने का हिस्सा है। इस गाने की खासियत यह है कि इसमें भावनाओं को ज्यादा समझाने की कोशिश नहीं की गई, बल्कि उन्हें स्वाभाविक रूप से बहने दिया गया है।”

–आईएएनएस

पीके/डीकेपी


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