हिंदी सिनेमा की पहली सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म थी 'तहलका', अनिल शर्मा को कास्टिंग में करनी पड़ी थी मेहनत


मुंबई, 5 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय में अगर सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्मों की बात होती है तो सबसे पहले ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘फाइटर’, ‘स्काई फोर्स’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों का नाम सबसे पहले आता है लेकिन साल 1992 में हिंदी सिनेमा की पहली सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित फिल्म तहलका बनी थी।

फिल्म का नाम था ‘तहलका’, जिसने अपने नाम की तरह बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। इस फिल्म को अनिल शर्मा ने निर्देशित किया था और 7 मार्च को निर्देशक अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं।

अनिल शर्मा ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दीं, लेकिन फिल्म ‘तहलका’ उनके लिए बहुत खास थी क्योंकि फिल्म में कई बड़े मल्टीस्टार्स को देखा गया था। फिल्म में धर्मेंद्र, नसीरुद्दीन शाह, मुकेश खन्ना, शम्मी कपूर, आदित्य पंचोली, प्रेम चोपड़ा और अमरीश पुरी समेत कई बड़ी अभिनेत्रियां भी शामिल थीं। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्म की कास्टिंग करना निर्देशक के लिए बहुत मुश्किल रहा था।

पहले फिल्म में मेजर कृष्ण राव का किरदार रजनीकांत निभाने वाले थे। उन्होंने फिल्म के लिए ‘हां’ कर दी थी लेकिन दक्षिण सिनेमा में निर्देशकों की हड़ताल होने के बाद फिल्म की शूटिंग जून के बाद करने के लिए कहा गया जबकि निर्देशक को बर्फबारी में शूट करना था। ऐसे में रजनीकांत ने भारी मन से हाथ पीछे खींच लिए, जिसके बाद फिल्म में मुकेश खन्ना की एंट्री होती है।

अनिल शर्मा को महाभारत देखने का शौक था और उस वक्त भीष्म पितामह बने मुकेश खन्ना अपनी एक्टिंग से हर घर में प्रसिद्ध हो चुके थे। उनकी डायलॉग डिलीवरी ने भी फैंस का दिल जीत लिया था। ऐसे में निर्देशक ने मेजर कृष्ण राव के किरदार के लिए मुकेश खन्ना को चुना और शूटिंग के पहले दिन ही उन्होंने सबका दिल जीत लिया था।

फिल्म में नसीरुद्दीन शाह ने भी अपनी एक्टिंग से फैंस का दिल जीता लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने फिल्म करने के लिए हां क्यों कहा। नसीरुद्दीन शाह ने बिना फिल्म की स्क्रिप्ट सुने ही हां कर दी थी, क्योंकि फिल्म में धर्मेंद्र थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि धर्मेंद्र के साथ काम करना अपने आप में मजेदार और कुछ नया सीखने वाली चीज है। इतना ही नहीं, वे हिंदी सिनेमा के पहले अभिनेता थे, जिन्होंने फिल्म में स्विमसूट पहनने से भी परहेज नहीं किया था। जावेद जाफरी और आदित्य पंचोली ने भी सीन की डिमांड को समझते हुए स्विमसूट पहनकर लड़की बनने का फैसला लिया था।

90 के दशक में स्क्रीन पर ऐसे फिल्माने के लिए लीड किरदारों को मनाना बहुत मुश्किल होता था, लेकिन नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि जब वे अपने किरदार के लिए फकीर के फटे कपड़े पहन सकते हैं, तो बिकिनी क्यों नहीं। कलाकारों के इतने समर्पण के कारण ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। 2 करोड़ के बजट में बनी तहलका ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 15 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था और साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी।

–आईएएनएस

पीएस/पीयूष


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