उत्तर प्रदेश : इटावा स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर में किशोरी ने लगाई फांसी, जांच के लिए समिति गठित

इटावा, 28 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र के मोती झील के पास स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर में शुक्रवार को 16 वर्षीय एक किशोरी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसने अपने परिवार से नाराज होकर यह कदम उठाया है। वन स्टॉप सेंटर के किचन में उसका शव दुपट्टे से लटका हुआ मिला है।
गत 26 मार्च की रात किशोरी को सेंटर में लाया गया था। दरअसल, चौबिया थाना क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुर की रहने वाली आरती 28 फरवरी को रचित नामक युवक के साथ घर से चली गई थी। उसके पिता ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि किशोरी को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया था। किशोरी को यहां से शुक्रवार को कानपुर के नारी निकेतन में भेजा जाना था।
किशोरी की खुदकुशी की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। जिस वन स्टॉप सेंटर में किशोरी को रखा गया था, वह प्रोबेशन विभाग के द्वारा संचालित किया जाता है। सखी वन स्टॉप सेंटर में 24 घंटे महिला कर्मचारी भी तैनात रहती हैं। इसके बावजूद किशोरी द्वारा आत्महत्या करने से वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों और अधिकारियों के ऊपर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
किशोरी की मां ने बताया, “रचित नाम का युवक, जो मेरी बड़ी बेटी के रिश्ते में भांजा लगता था, एक माह पूर्व मेरी पुत्री को भगा ले गया था। दोनों परिवारों ने रिश्ता तय कर लिया था और बेटी की उम्र पूरी होने पर शादी करने की बातचीत हो गई थी। उसके बावजूद रचित उसे अपने साथ भगा ले गया था। दो दिन पहले पुलिस मेरी बेटी को ले आई और हम लोगों को जानकारी दी।”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में एक किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। किशोरी घर नहीं जाना चाहती थी। उसने अपने बयानों में यह बात दर्शाई है कि उसे अपने परिवार से जान का खतरा है और वह उनके साथ नहीं जाना चाहती है। उसके बाद किशोरी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया। इसके बाद उसे कानपुर नारी निकेतन भेजा जाना था।
उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए एडीएम, एसपी सीटी, जिला प्रोविजन की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। प्रथम दृष्टया कहीं न कहीं कर्मचारियों की लापरवाही लग रही है। अगर वन स्टॉप सेंटर में मौजूद कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
–आईएएनएस
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