परम आशावर जैसे महिलाओं के प्रति सहायक कोच नहीं मिलते हैं, उनका उद्देश्य और लक्ष्य शानदार : रजनी सिंह

शहडोल, 20 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव को मिनी ब्राजील कहा जाता है। इस गांव को फुटबॉल का गढ़ माना जाता है और यहां से कई युवा उभरते हुए खिलाड़ी निकलकर आते हैं। इसी गांव में रायसेन डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल क्लब में कोच की भूमिका निभाने वाले परम आशावर महिलाओं को फुटबॉल में आगे लाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
परम आशावर ने मार्च 2026 में आयोजित हुई इंडियन वीमेंस लीग में मध्य प्रदेश की महिला टीम को भेजने के लिए 10 लाख तक का लोन लिया था और यहां तक अपनी पत्नी के गहने भी दांव पर रखकर पैसे जुटाए थे। इस टूर्नामेंट में राज्य की महिला टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर रही। परम आशावर के मजबूत इरादों और प्रयासों की पूर्व नेशनल महिला फुटबॉल खिलाड़ी रजनी सिंह ने जमकर तारीफ की।
रजनी ने आईएएनएस के साथ बात करते हुए कहा, “परम आशावर का उद्देश्य और लक्ष्य शानदार है। उनके जैसे कोच नहीं मिलते हैं, जो महिलाओं को इतना समर्थन देते हैं। परम जिस तरह का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, उसके हिसाब से मुझे लगता है कि हर राज्य और ग्रामीण इलाके में उनके जैसा कोच होना चाहिए। महिलाओं के प्रति उनकी सोच बहुत अच्छी है। वह यह सोचते हैं कि महिलाओं को कैसे आगे बढ़ाना है। महिलाओं को फुटबॉल में आगे बढ़ाने के लिए वह जो पैसे लगा रहे हैं, उसको देखते हुए खिलाड़ियों को भी उनके लिए कुछ करना चाहिए। महिला खिलाड़ियों को पूरे समर्पण के साथ अपना बेस्ट देने की कोशिश करनी चाहिए।”
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ब्लॉक समन्वयक अजय सोंधिया ने भी परम आशावर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से रायसेन के फुटबॉल कोच का यह एक अच्छा पहल था। उन्होंने शासन और प्रशासन की मदद के बिना और खुद लोन लेकर खिलाड़ियों को संसाधनों की उपलब्धता कराई, जिसके दम पर इंडियन वीमेंस लीग में महिला खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।” उन्होंने कहा कि प्रशासन अब यहां काफी ध्यान दे रहा है, लेकिन अगर अच्छे कोच यहां आकर खिलाड़ियों को संसाधन उपलब्ध कराएं और उन्हें ट्रेनिंग दें, तो यहां की प्लेयर्स नेशनल लेवल और भारतीय टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करके देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।
वहीं, महिला फुटबॉल कोच लक्ष्मी सहीस ने भी परम आशावर की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “परम आशावर एक अच्छे कोच हैं और उन्होंने 10 लाख का लोन लेकर महिला टीम के लिए एक बहुत बड़ा योगदान दिया। महिला टीम को आगे बढ़ाने की उनकी यह पहल बेहद सराहनीय है। महिला खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल को बेहतर करने के लिए कई तरह के उपकरण की जरूरत होती है, जो काफी महंगे होते हैं। हालांकि, परम आशावर इन चीजों को व्यवस्था खिलाड़ियों के लिए खुद से कर रहे हैं। वह महिला खिलाड़ियों को निखारने की कोशिश कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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