डॉक्टरों के नोट्स को सटीक रूप से तैयार करने के लिए नया चैटजीपीटी जैसा एआई टूल : अध्ययन

न्यूयॉर्क, 27 नवंबर (आईएएनएस)। एक स्टडी के अनुसार, नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंप्यूटर प्रोग्राम डॉक्टरों के नोट्स इतनी अच्छी तरह से तैयार कर सकता है कि दो चिकित्सक अंतर नहीं बता सकते।

इस प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट स्टडी में, चिकित्सकों ने पेशेंट नोट्स की समीक्षा की, जिनमें से कुछ वास्तविक डॉक्टरों द्वारा लिखे गए थे, जबकि अन्य नए एआई प्रोग्राम द्वारा बनाए गए थे और चिकित्सकों ने केवल 49 प्रतिशत मामलों में ही सही लेखक की पहचान की।

एनवीडिया और फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के 19 शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक नए मॉडल, गेटोरट्रॉन जीपीटी के आधार पर मेडिकल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए सुपर कंप्यूटर को प्रशिक्षित किया, जो चैटजीपीटी के समान कार्य करता है।

फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य परिणाम और बायोमेडिकल सूचना विज्ञान विभाग के प्रमुख लेखक योंगहुई वू के अनुसार, गेटोरट्रॉन मॉडल के फ्री वर्जन को एक ओपन-सोर्स एआई वेबसाइट हगिंग फेस से 4,30,000 से ज्यादा डाउनलोड मिले हैं। गेटोरट्रॉन मॉडल क्लिनिकल रिसर्च के लिए साइट पर उपलब्ध एकमात्र मॉडल हैं।

वू ने कहा, ”स्वास्थ्य देखभाल में हर कोई इन मॉडलों के बारे में बात कर रहा है। गेटोरट्रॉन और गेटोरट्रॉन जीपीटी यूनिक एआई मॉडल हैं, जो चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल के कई पहलुओं को सशक्त बना सकते हैं। फिर भी, उन्हें बनाने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा और व्यापक कंप्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है।

हम स्वास्थ्य सेवा में एआई की क्षमता का पता लगाने के लिए एनवीडिया के इस सुपर कंप्यूटर, हाइपरगेटर के लिए आभारी हैं।”

एनपीजे डिजिटल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च के लिए, टीम ने लार्ज लैंग्वेज मॉडल डेवलप किया जो कंप्यूटर को नेचुरल ह्यूमन लैंग्वेज की नकल करने की अनुमति देता है।

ये मॉडल स्टैंडर्ड राइटिंग या कन्वर्सेशन के साथ अच्छी तरह से काम करते हैं, लेकिन मेडिकल रिकॉर्ड अतिरिक्त बाधाएं लाते हैं, जैसे मरीजों की गोपनीयता की रक्षा करने की आवश्यकता और अत्यधिक तकनीकी होना। डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड को गूगल पर सर्च या विकिपीडिया पर शेयर नहीं किया जा सकता है।

इन बाधाओं को दूर करने के लिए, शोधकर्ताओं ने 82 बिलियन उपयोगी चिकित्सा शब्दों को रखते हुए दो मिलियन मरीजों के स्वास्थ्य चिकित्सा रिकॉर्ड का उपयोग किया।

इस सेट को 195 बिलियन शब्दों के दूसरे डेटासेट के साथ जोड़कर, उन्होंने जीपीटी-3 आर्किटेक्चर, या जेनेरेटिव प्री-ट्रेंड ट्रांसफार्मर, न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर का एक रूप, के साथ मेडिकल डेटा का विश्लेषण करने के लिए गेटोरट्रॉन जीपीटी मॉडल को प्रशिक्षित किया। इसने गेटोरट्रॉन जीपीटी को मेडिकल डॉक्टरों के नोट्स के समान क्लीनिकल टेक्स्ट लिखने की अनुमति दी।

मेडिकल जीपीटी के कई संभावित उपयोगों में से एक विचार में एआई द्वारा रिकॉर्ड किए गए और प्रतिलेखित नोट्स के साथ दस्तावेज़ीकरण के टेडियम को बदलना शामिल है।

ह्यूमन राइटिंग के साथ ऐसी समानता तक पहुंचने के लिए एआई उपकरण के लिए, प्रोग्रामर अरबों शब्दों के आधार पर क्लीनिकल शब्दावली और भाषा के उपयोग के साथ सुपर कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग में कई सप्ताह बिताते हैं।

–आईएएनएस

पीके/एबीएम