रांची में भाजपा नेता की हत्या पर झारखंड विधानसभा में सदन के अंदर और बाहर जोरदार हंगामा

रांची, 27 मार्च (आईएएनएस)। रांची में भाजपा नेता और जिला परिषद के पूर्व सदस्य अनिल महतो टाइगर की हत्या की घटना पर गुरुवार को झारखंड विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ।
भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने कार्यवाही शुरू होने के पहले जहां सदन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पार्टी के तमाम विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए।
दूसरी तरफ विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और सत्तारूढ़ दल के कई विधायक भी जवाबी नारे लगाते हुए उनके सामने पहुंच गए।
स्पीकर रबींद्रनाथ महतो दोनों पक्षों से संयम और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन सदस्यों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। ऐसे में सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन के बाहर धरने पर बैठे भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए सीएम से इस्तीफे की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रांची में कांके थाना क्षेत्र से महज 100 मीटर की दूरी पर भाजपा नेता टाइगर अनिल महतो की हत्या ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि रांची पुलिस ने मृत व्यक्ति के चरित्र हनन का प्रयास किया है। इस प्रदेश के डीजीपी के ऊपर अतिरिक्त कार्यबोझ है। राज्य की पुलिस की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि अपराधियों को संरक्षण देना है।
पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने कहा कि लगातार घट रही आपराधिक वारदातों को देखकर ऐसा लगता है, मानो झारखंड में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। हमारी पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है कि प्रदेश की इस निकम्मी सरकार को हटाकर यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
रांची के विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि स्पीकर हत्यारी सरकार को संरक्षण देना बंद करें। ऐसा लगता है कि राज्य में जंगलराज लौट आया है।
धरना पर बैठे विधायकों में नीरा यादव, नवीन जायसवाल, राज सिन्हा, आलोक चौरसिया, पूर्णिमा दास, प्रकाश राम, कुशवाहा शशिभूषण मेहता सहित अन्य शामिल रहे।
–आईएएनएस
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