राज्य के विकास के लिए पंचायतों का मजबूत होना जरूरी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर, 17 जनवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि सरपंच गांव की आवाज और ग्राम पंचायत प्रशासन की पहली कड़ी होता है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के विकास के लिए पंचायतों का मजबूत होना जरूरी है, क्योंकि विकास का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ को साकार करने के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री अपने आवास पर राज्य के सभी सात मंडलों के ग्राम पंचायत प्रशासकों (निवर्तमान सरपंचों) से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरपंच का पद मात्र एक पद नहीं, बल्कि सेवा और प्रतिबद्धता का माध्यम है। सरपंच ही वह पहला व्यक्ति होता है जिसकी ओर हर ग्रामीण आशा से देखता है।

चाहे किसान सम्मान निधि हो, पेंशन हो, पेयजल हो, बिजली हो, आवास हो, शौचालय निर्माण हो, सड़कें हों, स्कूल हों, आंगनवाड़ी केंद्र हों, स्वास्थ्य केंद्र हों या विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच हो, ग्रामीण मुख्य रूप से ग्राम पंचायत और सरपंच की ओर देखते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरपंच ही सबसे बेहतर आकलन कर सकते हैं कि सरकारी नीतियों और जनहितैषी निर्णयों का लाभ जमीनी स्तर तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है, इसलिए उनकी प्रतिक्रिया अत्यंत मूल्यवान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और जवाबदेह पंचायती राज व्यवस्था स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायतों को मजबूत कर रही है। ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य जारी है, और प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नवगठित आठ जिलों में नई जिला परिषदों का गठन किया गया है। इसी प्रकार, पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन और सृजन के तहत 85 नई पंचायत समितियां और 3,417 नई ग्राम पंचायतें स्थापित की गई हैं।

निवर्तमान सरपंचों को कार्यकाल पूरा होने के बाद भी प्रशासक नियुक्त किया गया है ताकि गांवों को उनके अनुभव का लाभ मिलता रहे।

शर्मा ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने मौजूदा मनरेगा ढांचे में सुधार करके और ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ शुरू करके ग्रामीण विकास के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों सहित समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई कागजी कार्रवाई में गड़बड़ी की समस्या से मुक्ति मिल गई है और भर्ती परीक्षाएं अब निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जा रही हैं। एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां पहले ही हो चुकी हैं और 144 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

–आईएएनएस

एमएस/


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