नोएडा में एसटीएफ की कार्रवाई, ऑनलाइन बेटिंग ऐप से ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

नोएडा, 13 फरवरी (आईएएनएस)। स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इसके साथ ही नोएडा के विभिन्न स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल मामले में इस्तेमाल किए गए रिकवरी ईमेल से जुड़ा मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 को जनपद गौतमबुद्धनगर के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा संख्या 11/2026 धारा 351(4), 353(1)(बी) बीएनएस एवं 66 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि धमकी भरा ईमेल अमेरिका से ओरिजिनेट हुआ था, जबकि उससे जुड़ा रिकवरी ईमेल भारत और बांग्लादेश से संबंधित पाया गया। आगे की जांच में सेक्टर-62 नोएडा में संबंधित ईमेल आईडी लॉगिन होने के प्रमाण मिले। एसटीएफ टीम ने अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी में एक स्थान पर छापेमारी की, जहां बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ आरोपी मिले।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप को कॉल सेंटर के रूप में संचालित कर रहा था। आरोपी अमेरिकी नामों से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करते थे। इसके लिए वीपीएन और फेक जीपीएस लोकेशन का भी इस्तेमाल किया जाता था।
ठगी के शिकार अधिकतर अमेरिका, भारत और नेपाल के नागरिक होते थे। गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल निवासी अमीस जंग कारकी, अनंत कुमार, दिव्याशु, साहिल कुमार, लेखनाथ शर्मा और केदारनाथ शामिल हैं। अमीस ने ऑस्ट्रेलिया से बीबीए का डिप्लोमा किया है, जबकि केदारनाथ ने बीबीएस और एमबीए तथा लेखनाथ ने एमबीए की पढ़ाई की है।
पुलिस के अनुसार गिरोह का एक सदस्य देवराज अभी फरार है। आरोपियों के कब्जे से 4 लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, 2 नेपाली पासपोर्ट, 2 फर्जी आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 16 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेपाली नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19,500 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन की गहन फॉरेंसिक जांच की जा रही है और धमकी भरे ईमेल मामले में आगे की छानबीन जारी है।
इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
–आईएएनएस
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