महिला आरक्षण विधेयक को सपा-कांग्रेस का समर्थन, सरकार से पहले मसौदा पेश करने की मांग

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक को लागू कराने की तैयारी में है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर इस पर समर्थन मांगा है, जिसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। विपक्ष के कई नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने की बात कही है, लेकिन सरकार से इस विषय पर पहले मसौदा पेश करने के लिए कहा है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “भाजपा को इवेंट बनाने की आदत है। पार्टी हर चीज में इवेंट बनाती है, लेकिन वह इसे कर नहीं पाएगी। क्या बिना विपक्ष के उनके पास ताकत है करने की? ऐसी चीजें सरकार को नहीं करनी चाहिए। मसौदा उन्होंने दिया नहीं, लेकिन सहयोग मांग रहे हैं। पहले सरकार यह बता दे कि वह करने क्या जा रही है। सरकार हमारी ही गर्दन हमारे ही हाथों से कटवा देगी, तो यह थोड़े ही होने देंगे।”
उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल लाने वाले हम हैं, क्या हम ही इसका विरोध करेंगे। इस बिल को लाने वाले हम ही हैं, न कि वर्तमान सरकार। उनके पास इसका विजन नहीं था। इसे तो हम लाए थे। सोनिया गांधी ने सर्वप्रथम इसकी पहल की थी। वर्तमान सरकार को सिर्फ नाम बदलने आता है, उसके अलावा कुछ नहीं आता।”
उन्होंने ‘इल्लामाबाद टॉक’ पर कहा, “दुखद है कि बातचीत सफल नहीं हुई और सुखद है कि यह टूटी नहीं। आगे के दौर की बातचीत हो, कुछ और नतीजे निकले। युद्ध किसी भी सूरत में अच्छा नहीं है। शांति होनी चाहिए। पूरा विश्व इससे प्रभावित हो रहा है।”
समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने मैनपुरी में पत्रकारों से बात करते हुए महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “हम महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हैं। समाजवादी पार्टी भी इसका समर्थन करती है। हालांकि, अगर जाति जनगणना के बिना महिला आरक्षण लागू किया जा रहा है, तो हमारी मांग है कि आरक्षण के भीतर पिछड़ी जाति की महिलाओं को भी उनका उचित हिस्सा मिलना चाहिए। अन्य पिछड़ी जातियों की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।”
उन्होंने यूपी की अंतिम मतदाता सूची को लेकर कहा, “कई विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वोट हटा दिए गए हैं। यह देखा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के मजबूत क्षेत्रों में, मतदाताओं को हटाने का प्रतिशत ज्यादा है। हम बूथ-वार इसकी जांच कर रहे हैं।”
–आईएएनएस
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