'संदेशे आते हैं' के बिना अधूरी 'बॉर्डर-2' : जावेद अख्तर के गानों को रिक्रिएट किए जाने वाले बयान पर सोनू निगम ने रखा पक्ष

मुंबई, 24 जनवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में 700 से ज्यादा गानों में अपनी आवाज देने वाले सोनू निगम ने ‘बॉर्डर-2’ के गानों में अपनी दिल छू लेने वाली आवाज देकर फैंस का दिल जीत लिया है।
फिल्म में 7 गाने फिल्माए गए हैं, जिनमें से तीन गाने सोनू निगम ने गाए हैं। अब सिंगर ने फिल्म से जुड़े अनुभव और जावेद अख्तर द्वारा बॉर्डर में गाने रिक्रिएट करने के बयान पर भी अपना पक्ष रखा है।
सोनू निगम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में सिंगर खुद को बहुत भाग्यशाली बता रहे हैं क्योंकि साल 1997 में आई ‘बॉर्डर’ में उन्हें गाने का मौका मिला था और आज 29 साल बाद भी ‘बॉर्डर-2’ में गाने का मौका मिला है। वीडियो में सिंगर कहते हैं, “1997 में मैं पहली बार बॉर्डर के प्रीमियर में गया था और अब दोबारा इस फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने का मौका मिला है। कभी सोचा नहीं था कि ये जर्नी इतनी प्यारी, खूबसूरत और लंबी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, “बॉर्डर सिर्फ एक फिल्म नहीं है बल्कि देशभक्ति की सच्ची कहानी है। फिल्म में उन सभी सच्ची घटनाओं को पर्दे पर उसी जोश और ईमानदारी के साथ उतारा गया है जो युद्ध के मैदान में होती हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर से लेकर सभी स्टार्स ने बहुत मेहनत की है और हमने कोशिश की है कि बॉर्डर के आइकॉनिक गाने, जो फिल्म की आत्मा हैं, उन्हें फिल्म में पहले के जैसे रखा जाए।”
जावेद अख्तर के बयान का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि “जावेद साहब ने फिल्म के गानों को रिक्रिएट करने पर जो कहा है वो बिल्कुल सही है क्योंकि पुराने गानों को दोबारा इस्तेमाल करना उतना अच्छा नहीं है, पर क्या करें, ‘बॉर्डर’ अगर फौजी है, तो ‘संदेशे आते हैं’, उसकी वर्दी है। इस गाने के बिना बॉर्डर फिल्म की कल्पना की ही नहीं जा सकती। उन्होंने आगे कहा, “हम जावेद साहब को अपना गुरु मानते हैं और उन्होंने कहा कि फिल्म में नए गाने होने चाहिए, इसलिए ‘मिट्टी के बेटे’ गाना देश के लिए और फिल्म के लिए एक नया तोहफा है।”
बता दें कि फिल्म का ‘मिट्टी के बेटे’ बहुत इमोशनल और मार्मिक कर देने वाला गाना है, जिसमें परिवार उन बेटों का इंतजार कर रहा है जो युद्ध के मैदान से वापस लौट नहीं सके।
–आईएएनएस
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