बांग्लादेश: पुर्बाचल प्लॉट स्कैम मामले में शेख हसीना को 10 साल की सजा का ऐलान

ढाका, 2 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पुर्बाचल प्लॉट स्कैम से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल जेल की सजा सुनाई। साथ ही उनकी भतीजी और ब्रिटिश मेंबर ऑफ पार्लियामेंट ट्यूलिप सिद्दीक को चार साल जेल की सजा सुनाई गई।
भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) के मुताबिक, सरकारी वकील मीर अहमद अली सलाम और ढाका स्पेशल जज कोर्ट-4 के जज मोहम्मद रबीउल आलम ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने हसीना के भतीजे रादवान मुजीब सिद्दीक और भतीजी अजमीना सिद्दीक को दो मामलों में से एक में सात-सात साल जेल की सजा सुनाई। हसीना और उनके परिवार के तीन सदस्यों के साथ 12 दूसरे आरोपियों को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई। एक और को दो मामलों में दो साल जेल की सजा सुनाई गई।
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार ने बताया कि एक मामले में पांच और लोगों को पांच साल कैद की सजा मिली। रिपोर्ट्स के अनुसार कोर्ट ने हसीना समेत 22 आरोपियों पर एक-एक लाख बांग्लादेशी टका का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना न भरने पर छह महीने की और सजा दी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले 1 दिसंबर 2025 को ढाका की एक कोर्ट ने हसीना को पुर्बाचल प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट के अलॉटमेंट में गड़बड़ी के लिए पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। इसके अलावा हसीना की बहन शेख रेहाना को सात साल की सजा सुनाई गई, जबकि उनकी भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक को दो साल की जेल हुई।
पिछले साल 27 नवंबर को ढाका कोर्ट ने इसी मामले में एसीसी द्वारा फाइल किए गए तीन भ्रष्टाचार के मामले में हसीना को 21 साल की जेल की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद हसीना और उनके परिवार के सदस्यों ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया और इन दावों को गलत इरादे से किया गया, राजनीति से प्रेरित और बिना किसी सही आधार के बताया।
हसीना और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “हम भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से पूरी तरह इनकार करते हैं। हमारे खिलाफ लगाए गए हर आरोप में हमारे विरोधियों की राजनीतिक मंशा है। एसीसी एक बिना चुनी हुई सरकार के कंट्रोल में है, जिसके पास एकतरफा और आधे-अधूरे सबूत हैं, जिससे हमें अपना बचाव करने का कोई मौका नहीं मिला।”
उन्होंने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “ये आरोप साफ तौर पर गलत इरादे से लगाए गए हैं, राजनीति से प्रेरित हैं और इनका कोई सही आधार नहीं है, लेकिन इससे भी ज्यादा निराशाजनक बात यह है कि अंतरिम सरकार उन बेगुनाह परिवार के सदस्यों को फंसाने और शामिल करने की कोशिश कर रही है जो किसी भी तरह से राजनीति में शामिल नहीं हैं।”
–आईएएनएस
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