पुलिस से पर्यटन तक छाया 'जमील जमाली' का डायलॉग, राकेश बेदी का किरदार बना डिजिटल 'धुरंधर'

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर’ का ‘मेरा बच्चा है तू’ डायलॉग जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रहा है। यह डायलॉग अभिनेता राकेश बेदी के निभाए गए जमील जमाली किरदार से जुड़ा है, जिसने अपने खास अंदाज और मजेदार शैली से दर्शकों के दिलों में अलग पहचान बनाई है। अब यही किरदार और उसका संवाद सरकार के कई विभागों के जागरुकता अभियानों का हिस्सा बन चुका है।
जमील जमाली के किरदार की बात करें, तो इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका सरल, अपनापन भरा और हास्यपूर्ण अंदाज है। यह किरदार अपने संवादों के जरिए सीधे दिल तक पहुंचता है और गंभीर बातों को भी हल्के-फुल्के तरीके से समझा देता है। राकेश बेदी ने इस किरदार में अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग, सहज अभिनय और संवाद अदायगी से जान डाल दी है। यही वजह है कि जमील जमाली अब सिर्फ एक किरदार नहीं बल्कि एक ट्रेंड बन चुका है, जिसे हर वर्ग के लोग पसंद कर रहे हैं।
जमील जमाली के संवाद की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई सरकारी संस्थान इसे अपने-अपने अंदाज में इस्तेमाल कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने सड़क सुरक्षा या यातायात जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए इस ट्रेंड को अपनाया। अपने संदेश में पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से हेलमेट पहनने की अपील करते हुए लिखा, ‘ये ले हेलमेट पहन, मेरा बच्चा है तू। हेलमेट पहनेगा तभी सयाना बनेगा।’ इस तरह के रचनात्मक संदेश लोगों को नियमों के प्रति आकर्षित करने में कारगर साबित हो रहे हैं।
वहीं, राजस्थान पर्यटन विभाग ने भी इस ट्रेंड का इस्तेमाल करते हुए अपनी मेहमाननवाजी को दर्शाया। पोस्ट के जरिए राजस्थान की संस्कृति और स्वाद को मजेदार अंदाज में प्रस्तुत किया गया। विभाग ने राजस्थानी थाली के साथ संदेश दिया, ‘मेहमान हैं आप… और मेहमाननवाजी हमारी पहचान।’
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने भी यात्रियों को आकर्षित करने के लिए ‘मेरा बच्चा है तू’ ट्रेंड का सहारा लिया। इस संदेश में हल्के-फुल्के अंदाज के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। विभाग ने अपने ऐप के प्रचार में लिखा, यदि आप अभी भी यह सोच रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की यात्रा कहां से शुरू करें, तो टेंशन न ले, बच्चा है तू मेरा यूपी टूरिज्म ऐप डाउनलोड कर और एक क्लिक में पूरे राज्य की जानकारी प्राप्त कर।
इसके अलावा, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भी लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए इस ट्रेंड को अपनाया। उन्होंने ‘धुरंधर’ बनकर खाने में मिलावट की पहचान करने की सलाह दी और डार्टबुक के जरिए आसान जांच तरीकों की जानकारी देने पर जोर दिया। एफएसएसएआई ने लिखा, बच्चा है तू मेरा खाद्य असली और नकली की पहचान करना सीख ले।
–आईएएनएस
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