'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' स्कीम से बच्चों के लिंगानुपात में सुधार हो रहा है: सावित्री ठाकुर


नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ (बीबीबीपी) स्कीम देश भर में बच्चों के लिंगानुपात (सीएसआर) की समस्या को हल करने में मदद कर रही है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) 2014-15 में 918 से बढ़कर 2025-26 (अनंतिम) में 929 हो गया है।

मंत्री ने कहा कि बीबीबीपी स्कीम अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) को जानकारी देकर, प्रभावित करके, प्रेरित करके, शामिल करके और सशक्त बनाकर लड़कियों के प्रति सोच और व्यवहार में बदलाव लाने की कोशिश करती है।

उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि में, ‘मिशन शक्ति’ के ‘संबल’ वर्टिकल के तहत बीबीबीपी का विस्तार देश के सभी जिलों में किया गया है। इसके लिए कई क्षेत्रों में ऐसे उपाय किए जा रहे हैं जिनसे जमीनी स्तर पर असर डालने वाली गतिविधियों पर ज्यादा खर्च को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और आम जनता जैसे विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को एकजुट करके बीबीबीपी एक पॉलिसी पहल से बदलकर एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है।

दिल्ली में बीबीबीपी के असर से जुड़े आंकड़े बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश में जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) में सुधार के संकेत दिख रहे हैं और यह 2014-15 से 2025-26 (अनंतिम) के दौरान 901 से बढ़कर 915 हो गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के यूडीआईएसई आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर सेकेंडरी लेवल के स्कूलों में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 2014-15 में 75.51 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 83.4 प्रतिशत हो गया है।

ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में सेकेंडरी लेवल के स्कूलों में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 2014-15 में 99.13 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 108.3 प्रतिशत हो गया है।

–आईएएनएस

एमएस/


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