कीव पर रूस का भीषण हमला, 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन दागे, कई लोगों की मौत : जेलेंस्की

नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर कीव भीषण हमले की चपेट में आ गया। राजधानी कीव पर मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन से बड़ा हमला किया गया। इस हमले में कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं। इन हमलों में रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रविवार रात कीव पर रूस ने बहुत बड़ा हमला किया। रूस ने 68 मिसाइलें और 351 हमला करने वाले ड्रोन दागे। फिलहाल हमले के बाद राहत और बचाव का काम जारी है।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”शहर में 10 से ज्यादा जगहों पर नुकसान हुआ है, जिनमें रिहायशी इमारतें भी शामिल हैं। सभी जरूरी सेवाएं मौके पर मौजूद हैं और लोगों को बचाने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए पूरी कोशिश कर रही हैं। अब तक 64 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस हमले में दुखद रूप से 11 लोगों की मौत हो गई है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके अलावा, करीब 60 लोग घायल हुए हैं।”
जेलेंस्की ने बताया कि कीव क्षेत्र में 16 लोग घायल हुए हैं और तीन लोगों की जान गई है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। विश्नेव में मिसाइल हमले वाली जगह पर अभी भी आग लगी हुई है। वहां के निजी रिहायशी इलाके से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। हमले के बाद की स्थिति संभालने के लिए 400 से ज्यादा बचावकर्मी और पुलिस अधिकारी काम कर रहे हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे सैनिकों ने ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को मार गिराने में अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन अफसोस की बात है कि वे रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सफल नहीं हो सके। इसकी मुख्य वजह इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी है।
जेलेंस्की ने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से दुनिया, खासकर अमेरिका और हमारे यूरोपीय साझेदार, हमारी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस फैसले लेकर निकलें। इससे आम लोगों की जिंदगी की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी। जब तक सहयोगी देशों के गोदामों में ‘पैट्रियट’ सिस्टम की मिसाइलें पड़ी रहेंगी, तब तक रूस को रिहायशी इमारतों पर हमले जारी रखने का हौसला मिलता रहेगा। अमेरिका और यूरोप के पास इस आतंक को रोकने की पूरी क्षमता है।
–आईएएनएस
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