फरवरी के अंत से रुपए में आई गिरावट अन्य मुद्राओं के अनुरूप : रिपोर्ट


नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रुपए में 27 फरवरी के बाद आई गिरावट अन्य मुद्राओं के अनुरूप है और यह उन मुद्राओं से बेहतर है जो इससे पहले की अवधि (2 अप्रैल, 2025 से 27 फरवरी, 2026) में मजबूत हुई थी, यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में दी गई।

रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक अनिश्चितता ने रुपए के अवमूल्यन को लिमिट करने का काम किया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि 2 अप्रैल, 2025 से लेकर 27 फरवरी, 2026 के बीच रुपए में 6.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। ठीक इसी दौरान डॉलर इंडेक्स भी 6 प्रतिशत घटा था।

रिपोर्ट के अनुसार, यह वह समय था जब अधिकांश मुद्राएं डॉलर के मुकाबले मजबूत हो रही थीं, लेकिन रुपया नहीं और इसलिए रुपए को झटकों को सहने वाले माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने का तर्क शायद बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकों की ओपन पॉजिशन को तर्कसंगत बनाने का प्रयास उपयोगी तो है, लेकिन इससे ऑनशोर और ऑफशोर बाजारों में महत्वपूर्ण अंतर पैदा होने की संभावना है।

भारतीय बैंक (सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और निजी क्षेत्र के बैंक दोनों) आम तौर पर ऑनशोर बाजार में लॉन्ग और ऑफशोर बाजार में शॉर्ट पॉजिशन रखते हैं, जबकि विदेशी बैंक इसके विपरीत प्रवृत्ति प्रदर्शित करते हैं।

इस अतिरिक्त, भारत का 700 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार सट्टेबाजी को रोकने और भारतीय रिजर्व बैंक को रुपए को स्थिर करने के लिए हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाने के लिए पर्याप्त है।

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा भंडार 10 महीने से अधिक के आयात के बराबर है और अल्पकालिक ऋण, भंडार के 20 प्रतिशत से कम है, जिससे रुपए को मजबूत करने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने का अवसर और समय मिलता है।

हालांकि, शोध फर्म ने चेतावनी दी है कि अस्थिर पूंजी प्रवाह और तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य के दृष्टिकोण के लिए जोखिम पैदा करती हैं और तेल विपणन कंपनियों के लिए 250-300 मिलियन डॉलर की दैनिक मांग को पूरा करने के लिए एक विशेष डॉलर विंडो सहित कई नीतिगत उपायों का आग्रह किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “इससे वास्तविक विदेशी मुद्रा मांग और आपूर्ति की गतिशीलता पर बेहतर स्पष्टता मिलेगी और नियामक द्वारा अनावश्यक अस्थिरता को रोकने के लिए शुरू किए गए विभिन्न उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करने में मदद मिलेगी।”

गुरुवार को रुपए में लगभग 13 वर्षों में सबसे बड़ी एक दिवसीय वृद्धि देखी गई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.10 पर बंद हुआ।

–आईएएनएस

एबीएस/


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