सन नियो के सितारों के लिए गणतंत्र दिवस के अलग-अलग मायने, कहा- 'देशभक्ति केवल झंडा फहराने का नाम नहीं'


मुंबई, 23 जनवरी (आईएएनएस)। हर साल 26 जनवरी को पूरे देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें अपने संविधान, अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरुक करता है। बच्चों के लिए यह दिन स्कूल में झंडारोहण और तिरंगा फहराने का उत्साह लेकर आता है, युवाओं और बड़ों के लिए यह गर्व, सपनों और देशभक्ति की यादें जगाता है। इस मौके पर सन नियो के कलाकारों ने अपने अनुभव और भावनाएं साझा की।

‘दिव्य प्रेम : प्यार और रहस्य की कहानी’ में प्रेम की भूमिका निभा रहे सूरज प्रताप सिंह ने बताया कि उनके लिए गणतंत्र दिवस बचपन से ही खास रहा है। उन्होंने कहा, ”जब मैं छोटा था, तब मेरे गणतंत्र दिवस के दिन की शुरुआत जल्दी उठकर सफेद कपड़े पहनने और हाथ में छोटा तिरंगा थामने से होती थी। पूरे परिवार के साथ टीवी पर परेड देखना गर्व से भर देता था। उस समय मैं पूरी तरह से दिन का अर्थ नहीं समझ पाता था, लेकिन देशभक्ति की भावना मेरे दिल में गहराई से हमेशा से थी। देशभक्ति के गीत सुनना, तालियां बजाना और घर में खुशियों का माहौल, ये सब हमेशा यादगार पल रहे हैं। ये यादें आज भी मेरे दिल में उसी मासूमियत और गर्व के साथ मौजूद हैं।”

वहीं, ‘सत्‍या साची’ में शौर्य का किरदार निभा रहे आकाश खंडेलवाल ने गणतंत्र दिवस को जिम्मेदारी का दिन बताया। उन्होंने कहा, ”सच्ची देशभक्ति सिर्फ देश से प्यार करना नहीं है, बल्कि हर दिन एक अच्छे नागरिक की तरह अपने काम में ईमानदार और अपने व्यवहार में सही होना है। गणतंत्र दिवस का दिन हमें याद दिलाता है कि हम अपने देश का सम्मान अपने कार्य और व्यवहार से ही कर सकते हैं। संविधान का सम्मान करना, अपने मूल्यों पर कायम रहना और सकारात्मक सोच फैलाना ही असली देशभक्ति है। इस दिन हमें अपने आस-पास के लोगों और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझनी चाहिए।”

‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो में कुंदन की भूमिका निभा रहे आकाश जग्गा ने गणतंत्र दिवस को सपनों की आजादी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ”मैं एक अभिनेता के रूप में बड़े सपनों और संघर्षों के साथ मुंबई आया और हर कदम पर अपने अधिकार और स्वतंत्रता की अहमियत महसूस की। गणतंत्र दिवस मुझे याद दिलाता है कि हमारा संविधान हमें अपने सपनों को पूरा करने और अपनी पहचान बनाने का अधिकार देता है। जब मैं कैमरे के सामने खड़ा होता हूं, तो मुझे गर्व होता है कि मैं ऐसे देश का हिस्सा हैं, जहां किसी को भी मेहनत और ईमानदारी से अपने सपनों को पूरा करने की आजादी है। यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि अगर हम मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ें, तो कोई सपना छोटा या असंभव नहीं है।”

सन नियो पर ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ शाम 7:30 बजे, ‘सत्‍या साची’ रात 8:00 बजे और ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ रात 9:00 बजे प्रसारित होता है।

–आईएएनएस

पीके/एबीएम


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