प्रोजेक्ट वीर गाथा में रिकॉर्ड 1.92 करोड़ छात्रों की भागीदारी

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। इस वर्ष करीब 1.92 करोड़ छात्रों ने प्रोजेक्ट वीर गाथा में हिस्सा लिया। ये छात्र देश-विदेश के 1.90 लाख स्कूलों से जुड़े हुए हैं। प्रोजेक्ट वीर गाथा गणतंत्र दिवस समारोह के तहत रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2021 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के बाद यह अब तक की सर्वाधिक भागीदारी वाला संस्करण बन गया है। इस बार वीर गाथा 5.0 की शुरुआत 8 सितंबर 2025 को की गई थी। छात्रों की रचनात्मक भागीदारी बढ़ाने के लिए इस साल कई नवीन विशेषताएं भी इसमें जोड़ी गईं। पहली बार शॉर्ट-वीडियो प्रारूप जैसे कि वीडियोग्राफी, एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्टोरीटेलिंग को शामिल किया गया। छात्रों को सामरिक परंपरा, भारत की समृद्ध सैन्य परंपराओं, रणनीतियों, अभियानों और वीर गाथाओं पर आधारित सामग्री तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
वीर गाथा 5.0 पहल के अंतर्गत छात्रों ने कलिंग के राजा खारवेल, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों, तथा जनजातीय आंदोलनों के नेताओं सहित अनेक महान भारतीय योद्धाओं के अदम्य साहस और सैन्य रणनीतियों का अध्ययन किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि विषयों की इस विविधता से न केवल प्रविष्टियों की गुणवत्ता में वृद्धि हुई, बल्कि विद्यार्थियों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समझ भी गहरी हुई। वीर गाथा के इस संस्करण में राष्ट्रीय स्तर पर 100 सुपर-विजेता चुने गए हैं। इनमें प्रारंभिक स्तर पर कक्षा 3 से 5 तक 25, मध्य स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक 25 और माध्यमिक स्तर पर कक्षा 9 से 12 तक 50 विद्यार्थी शामिल हैं। इन छात्रों में कक्षा 9 व 10 और 11 व 12 का भी समान प्रतिनिधित्व है। ये सभी 100 सुपर-विजेता गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड को विशेष अतिथि के रूप में देखने का गौरव प्राप्त करेंगे।
इसके साथ ही प्रत्येक विजेता को 10,000 रुपए की नकद राशि प्रदान की जाएगी। इन विद्यार्थियों को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष एक महत्वपूर्ण विस्तार के रूप में विदेशों में स्थित सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों ने पहली बार इसमें भाग लिया।
18 देशों के 91 स्कूलों से 28,005 विद्यार्थियों ने अपनी प्रविष्टियां भेजीं। इससे भारत की वीरता और राष्ट्रीय गौरव की कहानियां वैश्विक स्तर तक पहुंचीं और इस पहल की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और मजबूत हुई है। वीर गाथा परियोजना के अंतर्गत स्कूलों में स्थानीय स्तर पर गतिविधियां आयोजित की गईं, वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ राष्ट्रीय स्तर पर संवाद कार्यक्रम हुए तथा श्रेष्ठ प्रविष्टियां मायगव पोर्टल के माध्यम से जमा की गईं। स्कूल-स्तरीय गतिविधियां 10 नवंबर 2025 को संपन्न हुईं। राज्य और जिला स्तर के मूल्यांकन के बाद लगभग 4,020 प्रविष्टियां राष्ट्रीय स्तर पर भेजी गईं, जिनमें से शीर्ष 100 छात्रों को ‘सुपर-100’ विजेता घोषित किया गया है।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रीय विजेताओं के अतिरिक्त, राज्य व केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर 8 विजेता और जिला स्तर पर 4 विजेता भी चयनित किए जाएंगे। इन्हें राज्य या जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। प्रोजेक्ट वीर गाथा वर्ष 2021 में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य वीरता पुरस्कार विजेताओं के साहसिक कार्यों और जीवन यात्राओं को प्रदर्शित करना तथा विद्यार्थियों में देशभक्ति और नागरिक कर्तव्य की भावना को सुदृढ़ करना है।
–आईएएनएस
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