राजस्थान के मुख्यमंत्री ने 'नींदड़-बेनाड इको-ट्रेल' का किया उद्घाटन, जल संरक्षण पर दिया जोर


जयपुर, 29 मई (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को नींदड़ वन क्षेत्र में ‘नींदड़-बेनाड जैव विविधता परियोजना इको-ट्रेल’ का उद्घाटन किया और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत एक एनीकट में श्रमदान (स्वैच्छिक श्रम) करके राज्य के चल रहे जल संरक्षण अभियान में भाग लिया।

भजनलाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “हमारा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ 25 मई से 5 जून तक पूरे राजस्थान में चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, मैं आज इस स्थान पर उपस्थित हूं, जहां बाबा भोलेनाथ का एक मंदिर भी है। यह एक बहुत ही सुंदर क्षेत्र है और यहां कई एनीकट (छोटे बांध) भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में जल आत्मनिर्भरता का सपना साकार हो रहा है और उन्होंने नागरिकों से जल संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि नींदड़ वन क्षेत्र में अपार पारिस्थितिक और पर्यटन क्षमता है और उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और पर्यावरण-पर्यटन पहलों के माध्यम से इसे विकसित करने की योजना बना रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान के तहत प्रभावी वर्षाजल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त स्थानों पर जल निकासी नालियों और जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के प्रयास जारी हैं।

राष्ट्रीय पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित वृक्षारोपण अभियान को भी बढ़ावा दे रही है, जिसका लक्ष्य चालू वर्ष के दौरान 10 करोड़ पौधे लगाना है।

उन्होंने आगे कहा कि ‘हरियालो राजस्थान’ और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण’ जैसे कार्यक्रम पर्यावरण और जल संरक्षण प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नींदड़ वन क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक सुविधाओं को विकसित करने का भी निर्देश दिया, जिसमें आगंतुकों के लिए एक पैदल मार्ग भी शामिल है।

इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने सफेद चंदन का पौधा लगाया, पक्षियों के लिए पानी के बर्तन स्थापित किए और महिलाओं को तुलसी के पौधे वितरित किए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

उन्होंने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच एक पीपल के पेड़ की पूजा भी की और राज्य की समृद्धि के लिए एक शिव मंदिर में प्रार्थना की।

इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, स्थानीय जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

–आईएएनएस

पीआईएम/डीएससी


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