प्रियांशु चटर्जी: '12वीं फेल' में 'दुष्यंत सिंह' जब रातोंरात बने स्टार, जानें फिर क्यों हो गए इंडस्ट्री से दूर

मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा की दुनिया में कई चेहरे ऐसे आए, जिन्होंने पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली। कुछ सितारे उस चमक को संभाल पाए, तो कुछ के लिए यह समय के साथ फीकी पड़ गई। ऐसा ही कुछ हुआ अभिनेता प्रियांशु चटर्जी के साथ, जिनकी पहली फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया, लेकिन बाद में वह चमक-दमक से दूर हो गए।
20 फरवरी 1973 को नई दिल्ली में जन्मे प्रियांशु चटर्जी का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। बचपन से ही उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ मंच और कैमरे की दुनिया आकर्षित करती थी। कॉलेज के दिनों में उन्होंने मॉडलिंग की और कई म्यूजिक वीडियो में नजर आए। इन अनुभवों ने उन्हें फिल्मों में आने का मौका दिया।
साल 2001 में प्रियांशु ने फिल्म ‘तुम बिन’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म का निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया था। उस वक्त फिल्म ने उम्मीद से बढ़कर कमाई की थी और यह बड़ी हिट साबित हुई। फिल्म के गाने, कहानी और खासतौर पर प्रियांशु के अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस फिल्म ने प्रियांशु को रातोंरात स्टार बना दिया। लोग उन्हें देखने और ऑटोग्राफ लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते थे। पहली ही फिल्म से मिला स्टारडम उनके लिए किसी सपने जैसा था।
‘तुम बिन’ की जबरदस्त सफलता के बाद प्रियांशु के करियर का रास्ता अब उतना आसान नहीं था। लोगों को उनकी आने वाली फिल्मों से हिट की वही उम्मीदें जुड़ गईं, लेकिन जब उनकी ‘आपको पहले भी कहीं देखा है’, ‘दिल का रिश्ता’, ‘पिंजर’, ‘जूली’, और ‘मदहोशी’ जैसी फिल्में रिलीज हुईं, तो यह लोगों पर उतना जादू नहीं चला। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद माना कि फिल्मों में सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि सही समय, सही स्क्रिप्ट और सही मार्केटिंग भी बहुत मायने रखती है।
जब बॉलीवुड फिल्मों के ऑफर्स सीमित होने लगे, तो प्रियांशु ने बंगाली सिनेमा की ओर रुख किया और वहां कई अहम किरदार निभाए। बंगाली फिल्मों में उनकी सादगी भरे अभिनय को सराहा गया।
फिलहाल, वह फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज और कई छोटे लेकिन असरदार किरदारों पर ध्यान दे रहे हैं। ‘भूतनाथ’ और ’12वीं फेल’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार बेशक छोटे थे, लेकिन दर्शकों को आज भी याद हैं।
–आईएएनएस
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