पोप लियो ने अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत किया, मध्य पूर्व में शांति की अपील


वेटिकन सिटी, 17 जून (आईएएनएस)। पोप लियो XIV ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए हुए समझौते पर खुशी जताई। उन्होंने इसे संवाद और बातचीत के “प्रोत्साहित करने वाले प्रयासों” का परिणाम बताया।

साप्ताहिक जनरल ऑडियंस के दौरान पोप ने कहा, “यह समझौता आपसी विश्वास, सुरक्षा और मध्य पूर्व में स्थिरता को मजबूत करने में मदद कर सकता है, बशर्ते देशों के बीच संवाद और सहयोग के रास्ते आगे बढ़ाए जाएं।”

पोप ने इस वार्ता में शामिल सभी पक्षों के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह पहल क्षेत्र में लंबे समय तक शांति स्थापित करने में सहायक होगी।

वेटिकन न्यूज के अनुसार पोप ने अपने संबोधन के दौरान यूक्रेन युद्ध की “दुखद” स्थिति का भी उल्लेख किया और वहां शांति स्थापित करने के लिए संवाद के रास्ते तलाशने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वे उन लोगों के साथ खड़े हैं जो अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, घायल हुए हैं और जो कठिन परिस्थितियों में भी मानव जीवन की सेवा कर रहे हैं।

बता दें कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले से इस संघर्ष की शुरुआत हुई थी। पहले दिन ही सुप्रीम ईरानी लीडर अयातुल्लाह खामेनेई समेत कई बड़े अफसरों को निशाना बनाया गया। इसके बाद से हवाई हमलों का दौर जारी रहा।

तेहरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाने पर लिया। इस दौरान कई बेगुनाहों की जान भी गई। 40 दिन बाद, अस्थायी संघर्ष विराम के बाद, 14 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीस डील की जानकारी दी, जिसकी दुनिया ने तारीफ की। आगामी शुक्रवार को दोनों देश शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

संघर्ष के दौरान भी पोप ने अमेरिका-इजरायल से इस पर विराम लगाने की सिफारिश की थी, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त एतराज जताया था साथ ही कहा था कि उनके इस बयान से ईरान को परमाणु हथियार बनाने की छूट मिल रही है।

–आईएएनएस

केआर/


Show More
Back to top button