पीओके चुनाव: यूके चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग का आरोपी जीता चुनाव, शहबाज की पार्टी से मिला था टिकट


लंदन, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान का पूर्व राज्यमंत्री रुखसार अहमद, जिसे जुलाई 2024 में ब्रिटेन ने चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग का आरोपी माना था पीओके चुनाव में जीत हासिल की है। अहमद को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था।

मामला 1990 के दशक में मैनचेस्टर में नाबालिग लड़कियों से कथित दुष्कर्म और चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा था। ये शख्स पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की तथाकथित विधानसभा के लिए विधायक चुना गया है। यह जानकारी ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, 62 वर्षीय रुखसार अहमद पांच वर्ष बाद फिर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचा। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब वह ब्रिटेन में पुलिस जांच के दायरे में है और जमानत पर रिहा है।

बताया गया है कि अहमद को पिछले महीने मैनचेस्टर के एक पुलिस स्टेशन में जमानत की शर्तों के तहत पेश होना था, लेकिन उसने यह कहते हुए हाजिर होने से इनकार कर दिया कि वह “हवाई यात्रा करने में सक्षम नहीं है, उसकी सेहत इजाजत नहीं दे रही है।”

हालांकि, इसी दौरान सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में अहमद को के मीरपुर क्षेत्र में चुनावी सभाओं और प्रचार अभियान में सक्रिय देखा गया।

रुखसार अहमद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार के रूप में तथाकथित पीओके विधानसभा के लिए निर्वाचित हुआ है।

द गार्जियन के मुताबिक, ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (जीएमपी) ने अदालत से अहमद के विदेश यात्रा पर रोक लगाने वाली जमानत शर्तें लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन जुलाई 2024 में अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।

18 जुलाई 2024 को अहमद को मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। उस पर मैनचेस्टर के रशोल्म इलाके में रहने के दौरान बच्चों के यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे।

जांच के दौरान दो महिलाओं ने आरोप लगाया कि 1990 के दशक में, जब वे नाबालिग थीं, तब अहमद ने उनके साथ दुष्कर्म किया और उन्हें यौन शोषण के लिए तस्करी का शिकार बनाया।

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को अहमद के पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े होने की भी जानकारी मिली।

मामला उन कई महिलाओं के आरोपों पर आधारित है, जिनका कहना है कि 1990 के शुरुआती वर्षों में, जब अहमद करीब 20 वर्ष की उम्र के थे, उन्होंने आश्रम में रह रही बच्चियों का यौन शोषण किया।

रिपोर्ट के अनुसार, अहमद को अगले छह सप्ताह के भीतर फिर से पुलिस के समक्ष जमानत की शर्तों के तहत पेश होना है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस उनकी गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश कर सकती है, जिससे ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक विवाद भी खड़ा हो सकता है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में पाकिस्तान ने ब्रिटेन के उस अनुरोध को ठुकरा दिया था, जिसमें रोचडेल चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग के दोषी शबीर अहमद को पाकिस्तान निर्वासित करने की मांग की गई थी।

पिछले महीने ब्रिटेन के कई राजनीतिक दलों ने लेबर सरकार से पाकिस्तान को दी जाने वाली विदेशी सहायता रोकने और वीजा प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि जब तक पाकिस्तान रोचडेल ग्रूमिंग गैंग के दोषी शबीर अहमद को वापस स्वीकार नहीं करता, तब तक उस पर दबाव बनाया जाना चाहिए।

ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ के अनुसार, शबीर अहमद 30 बाल यौन शोषण मामलों में दोषी ठहराया गया था। उसे 22 साल की सजा हुई जिसमें से 14 वर्ष जेल में काटकर हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटिश सरकार उसे उसके जन्मस्थान पाकिस्तान भेजना चाहती है, लेकिन पाकिस्तान ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

–आईएएनएस

केआर/


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