विंग्स इंडिया 2026 में बोले पीएम मोदी, 'एक दशक में एविएशन सेक्टर में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ'

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित ‘विंग्स इंडिया 2026’ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि विमानन उद्योग का अगला युग आशाओं से भरा है और भारत एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले एक दशक में भारत के पूरे एविएशन सेक्टर में एक ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। कभी भारत दुनिया के उन देशों में था, जहां हवाई यात्रा एक एक्सक्लूसिव क्लब तक सीमित थी। लेकिन, आज स्थिति एकदम बदल गई है। आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट है। हमारे यहां पैसेंजर ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है। बीते वर्षों में, भारत की एयरलाइंस ने 1,500 से ज्यादा प्लेन्स का ऑर्डर दिया है। भारत के एविएशन सेक्टर में ये तेजी इसलिए आई क्योंकि हमारी सरकार एक दीर्घकालिक विजन के साथ काम कर रही है।”
उन्होंने कहा कि भारत में हवाई यात्रा अब ‘एक्सक्लूसिव’ नहीं, ‘इन्क्लूसिव’ बन रही है। भारत का नागरिक आसानी से हवाई यात्रा कर पाए, ये हमारा मिशन है। इसलिए हमने टियर 2 और टियर 3 शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ा है। साल 2014 में भारत में 17 एयरपोर्ट्स थे। आज भारत में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। यानी सिर्फ एक दशक में ही भारत में दोगुने से अधिक एयरपोर्ट बनाए गए हैं। हमने देश में 100 से अधिक एरोडॉक्स को एक्टिवेट किया है। इसके साथ ही अपने नागरिकों के लिए किफायती किराए वाली उड़ान स्कीम लॉन्च की है। उड़ान योजना के परिणामस्वरूप लगभग डेढ़ करोड़ यात्रियों ने उन मार्गों पर यात्रा की है, जिनमें से कई मार्ग पहले अस्तित्व में ही नहीं थे।”
उन्होंने कहा, “आज जब भारत विकसित होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है, तब हमारी एयर एक्टिविटी का कई गुना विस्तार होना तय है। अनुमान है कि 2047 तक भारत में 400 से अधिक एयरपोर्ट्स होंगे। ये बहुत बड़ा नेटवर्क होगा। इतना ही नहीं, हमारी सरकार उड़ान स्कीम के अगले फेज पर भी काम कर रही है। इस योजना से स्थानीय और किफायती एयर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। हमारी कोशिश यही है कि भारत के कोने-कोने में एयर कनेक्टिविटी और बेहतर हो।”
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि सरकार पर्यटन क्षेत्र के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में पर्यटन स्थलों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और हवाई यात्रा बड़ी संख्या में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। आने वाले वर्षों में हवाई यात्रा की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे निवेश के अधिक अवसर बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के एक प्रमुख वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में उभरने के साथ, विमानन संबंधी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करना और आत्मनिर्भरता के मार्ग को मजबूत करना आवश्यक है, जिससे भारत में निवेश करने वाली कंपनियों को भी लाभ होगा। भारत विमान डिजाइन, निर्माण और विमान अनुकूलन एवं संचालन (एमआरओ) प्रणाली पर बहुत जोर दे रहा है। भारत ने घरेलू स्तर पर सैन्य और परिवहन विमानों का उत्पादन शुरू कर दिया है और नागरिक विमान निर्माण में भी प्रगति कर रहा है।
–आईएएनएस
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