नेपाल भारत के लिए बेहद अहम : बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में केपी शर्मा ओली से मुलाकात पर पीएम मोदी
बैंकॉक, 4 अप्रैल, (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुकवार को बैंकॉक में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के बीच अद्वितीय और घनिष्ठ संबंधों की समीक्षा की।
पीएम मोदी और उनके नेपाली समकक्ष ने भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी, लोगों के बीच संपर्क और ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
नेपाल भारत की ‘पड़ोसी प्रथम नीति’ के तहत नई दिल्ली का प्राथमिकता वाला साझेदार है।
दोनों नेता भारत-नेपाल देशों और लोगों के बीच बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में काम करना जारी रखने पर सहमत हुए।
यह बैठक दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को जारी रखती है।
पीएम मोदी ने बैठक के बाद ट्वीट किया, “बैंकॉक में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ एक सार्थक बैठक हुई। भारत नेपाल के साथ संबंधों को अत्यधिक प्राथमिकता देता है। हमने भारत-नेपाल मैत्री के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, विशेष रूप से ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में। हमने इस वर्ष के बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के कुछ प्रमुख सकारात्मक परिणामों के बारे में भी बात की, विशेष रूप से आपदा प्रबंधन और समुद्री परिवहन के क्षेत्रों में।”
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात की। उन्होंने उनके सामने हिंदुओं सहित बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। दोनों नेताओं की मुलाकात बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई।
पिछले साल अगस्त में पड़ोसी देश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन और यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी हित के सभी मुद्दों को दोनों देशों के बीच रचनात्मक चर्चा के माध्यम से द्विपक्षीय रूप से संबोधित और हल किया जाना जारी रहेगा।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत संबंधों के लिए जन-केंद्रित दृष्टिकोण में विश्वास करता है।
–आईएएनएस
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