अरब विदेश मंत्रियों से पीएम मोदी ने की मुलाकात, ऐतिहासिक संबंधों और सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर


नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग के दूसरे राउंड में शामिल होने वाले विदेश मंत्रियों से शनिवार को भारत मंडपम में मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत और अरब दुनिया के बीच गहरे और ऐतिहासिक लोगों के बीच संबंधों पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरब देशों के विदेश मंत्रियों, लीग ऑफ अरब स्टेट्स (एलएएस) के सेक्रेटरी जनरल और अरब देशों के प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। अरब लीग के प्रमुख दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होने के लिए भारत आए हैं।

दूसरे आईएएफएमएम में पीएम मोदी ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, तकनीक, स्वास्थ्य और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने फिलिस्तीन के लोगों के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया और गाजा शांति योजना समेत चल रहे शांति प्रयासों का स्वागत भी किया।

प्रधानमंत्री ने भारत और अरब देशों में लोगों के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने आने वाले वर्षों में भारत-अरब साझेदारी के लिए अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया और आपसी फायदे के लिए सभी जरूरी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।

पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के लोगों के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया और गाजा पीस प्लान समेत चल रही शांति कोशिशों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने इलाके में शांति और स्थिरता की कोशिशों में अरब लीग की अहम भूमिका की सराहना की।

इस उच्च स्तरीय बैठक की सहअध्यक्षता भारत और यूएई करेंगे और इसमें अरब लीग के सभी 22 सदस्य देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि अरब लीग के प्रमुख के साथ शामिल होंगे।

एमईए के अनुसार यह बैठक लगभग एक दशक के लंबे समय के बाद हो रही है। इससे पहले भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। विदेश मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक रिलीज में कहा, “दूसरी भारत-अरब एफएमएम से हमारे मौजूदा सहयोग को और आगे बढ़ाने, इस साझेदारी को बढ़ाने और गहरा करने की उम्मीद है।”

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत और अरब राज्यों की लीग (एलएएस) के बीच सहयोग को दिशा दिखाने वाली सबसे बड़ी संस्थागत प्रणाली है। मार्च 2002 में भारत और अरब लीग के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ था, जिसके बाद बातचीत का फ्रेमवर्क औपचारिक हुआ था।

–आईएएनएस

केके/वीसी


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