यूएई के सफल दौरे के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड रवाना, एमईए ने बताया- 'कम समय, लेकिन अहम नतीजे'

अबू धाबी, 15 मई (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा खत्म होने के बाद यूएई के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उन्हें एक खास भाव में विदाई दी। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाया, इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी विमान में सवार हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ‘छोटी लेकिन बहुत ही सकारात्मक यात्रा’ के नतीजे दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत करेंगे और विकास और समृद्धि में योगदान देंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यूएई की एक छोटी लेकिन बहुत ही सकारात्मक यात्रा पूरी की। मैंने अपने भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भारत-यूएई के व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के तरीकों पर विस्तार से बातचीत की। मुझे पूरा विश्वास है कि इस यात्रा के नतीजे हमारी दोस्ती को मजबूत करेंगे और विकास और समृद्धि में योगदान देंगे।”
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से कई अहम नतीजे सामने आए हैं और भारत-यूएई की कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और मजबूत हुई है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कम समय, लेकिन अहम नतीजे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा से कई अहम परिणाम मिले और भारत-यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी और गहरी हुई है। दोनों देशों के संबंधों की गर्मजोशी दिखाते हुए राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट पर विदा किया। प्रधानमंत्री अब अपने पांच देशों के दौरे में अगले पड़ाव नीदरलैंड के लिए रवाना हुए।”
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की, खासकर ऊर्जा, व्यापार और निवेश, ब्लू इकोनॉमी, तकनीक (जिसमें फिनटेक शामिल है), रक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों पर बात हुई।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।
दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत हुई, जिसमें प्रधानमंत्री ने यूएई पर हुए हमलों की भारत की ओर से कड़ी निंदा दोहराई और यूएई के नेतृत्व और जनता के साथ भारत की एकजुटता जताई। प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि भारत चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और बिना रुकावट के आवाजाही बनी रहे, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के साथ-साथ ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा की और कई क्षेत्रों में बढ़ते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी का स्वागत किया। इसमें ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं। उन्होंने भारत-यूएई कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) की सफलता को भी सराहा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है।”
–आईएएनएस
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